Delhi Pollution: धुंध की वजह से दिल्ली में कई बड़े कार्यक्रम रद्द, आयोजकों को हुआ नुकसान
दिल्ली में वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) के ‘गंभीर’ श्रेणी में पहुंचने के बाद लागू हुए GRAP-4 प्रतिबंधों ने शहर के सार्वजनिक जीवन को बुरी तरह प्रभावित किया है। इन कड़े नियमों के कारण दिल्ली में होने वाले कई बड़े कार्यक्रम रद्द कर दिए गए हैं या उन्हें एनसीआर के पड़ोसी राज्यों में स्थानांतरित करना पड़ा है।
आयोजनों पर प्रतिबंध से आयोजकों की बढ़ी परेशानी
दिल्ली सरकार और पुलिस ने आउटडोर गतिविधियों पर पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया है, जिससे आयोजकों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। जिन कार्यक्रमों में लाखों लोगों की भीड़ जुटने की उम्मीद थी, वहां अब चंद लोग ही पहुंच पा रहे हैं। उदाहरण के तौर पर, एक प्रतिष्ठित स्टेडियम में प्रस्तावित निजी स्कूल संगठन का विशाल समागम, जिसमें एक लाख लोगों के आने की उम्मीद थी, उसे अंतिम समय में अनुमति न मिलने के कारण ‘भारत मंडपम’ में स्थानांतरित करना पड़ा। स्थान परिवर्तन के कारण लोगों की संख्या घटकर 40 हजार रह गई।
इसी तरह, यशोभूमि में प्रस्तावित एक ऑटो पार्ट्स सेमिनार को भी दिल्ली सरकार से हरी झंडी नहीं मिली, जिसके बाद उसे नोएडा शिफ्ट करना पड़ा। वाहनों पर प्रतिबंध और स्थान परिवर्तन के कारण यहां केवल 500 प्रतिभागी ही जुट सके।
कला और शिक्षा जगत पर भी असर
प्रदूषण का कहर केवल व्यवसायिक कार्यक्रमों तक सीमित नहीं रहा, बल्कि कला और शिक्षा के क्षेत्र भी इससे अछूते नहीं रहे। लाल किला प्रांगण में संस्कृति मंत्रालय और एनजीएमए द्वारा आयोजित होने वाली दो कला प्रदर्शनियों का उद्घाटन समारोह रद्द कर दिया गया। मंत्रालय के निर्देशों के अनुसार, फिलहाल किसी भी आउटडोर गतिविधि की अनुमति नहीं दी जा सकती है।
दिल्ली प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (DTU) ने भी छात्रों के स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए अपना दीक्षांत समारोह स्थगित कर दिया है। गाउन पहनकर डिग्री लेने का सपना देख रहे सैकड़ों छात्र मायूस हैं।
आर्थिक संकट का सामना कर रहे कलाकार और इवेंट सेक्टर
आउटडोर गतिविधियों पर पूर्ण प्रतिबंध ने इवेंट मैनेजमेंट सेक्टर की कमर तोड़ दी है। आयोजकों का कहना है कि लोग घरों से निकलने में डर रहे हैं, जिससे टिकटों की बिक्री और प्रायोजन पूरी तरह खत्म हो गए हैं। कलाकारों और इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है।
