योगी सरकार का बड़ा ऐलान: बेटियों के लिए ‘पिंक रोजगार मेला’ आयोजित करेगी, 8.5 लाख UP jobs देने का दावा
उत्तर प्रदेश सरकार ने राज्य में महिला सशक्तिकरण और युवा स्वावलंबन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। विधानसभा में सोमवार को श्रम एवं सेवायोजन मंत्री ने ‘पिंक रोजगार मेले’ आयोजित करने की घोषणा की, जिसका उद्देश्य बेटियों को उनकी योग्यता के अनुरूप निजी और सरकारी क्षेत्रों में बेहतर करियर के अवसर प्रदान करना है। इस कदम से राज्य की लाखों महिलाओं को आत्मनिर्भर बनने का मौका मिलेगा और रोजगार के नए द्वार खुलेंगे।
विधानसभा में रोजगार के मुद्दे पर तीखी बहस के दौरान, सरकार के मंत्री ने बताया कि अब तक 8.50 लाख युवाओं को सरकारी नौकरियां दी गई हैं, जिसमें आरक्षण के संवैधानिक नियमों का कड़ाई से पालन किया गया है। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल के रोजगार आंकड़ों की तुलना करते हुए दावा किया कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच केवल 1.39 लाख नियुक्तियां हुई थीं, जबकि वर्तमान सरकार ने पारदर्शी प्रक्रिया अपनाते हुए रिकॉर्ड तोड़ भर्तियां की हैं। मंत्री ने आरोप लगाया कि पिछली सरकारों में पिछड़ों और दलितों के हक को नजरअंदाज किया गया, जबकि वर्तमान सरकार ‘सबका साथ-सबका विकास’ की नीति पर काम कर रही है।
सरकार के मंत्री ने यह भी दावा किया कि पिछली सरकारों के दौरान सरकारी नौकरियों का बंदरबांट हुआ, जिसमें कुल भर्तियों का 82 प्रतिशत हिस्सा ‘अपने चहेते लोगों’ को दिया गया। उन्होंने कहा कि उस समय पिछड़ी जातियों जैसे राजभर, केवट, मल्लाह, निषाद को याद नहीं किया गया और ओबीसी के अधिकारों का सबसे अधिक हनन उन्हीं सरकारों में हुआ।
सदन को बताया गया कि सेवायोजन पोर्टल पर लगभग 50 लाख युवा पंजीकृत हैं और सरकार न केवल देश के भीतर बल्कि लगभग 25 से 30 हजार युवाओं को विदेशों में भी रोजगार दिलाने में सफल रही है।
इससे पहले, विपक्षी विधायकों ने सरकारी भर्तियों में आरक्षण की अनदेखी का आरोप लगाते हुए सरकार को घेरा। उन्होंने रिक्त पदों और नए आयोगों के गठन पर सवाल उठाए, साथ ही समीक्षा अधिकारी (RO) और सहायक समीक्षा अधिकारी (ARO) भर्ती में अनुसूचित जाति (SC) के पदों की संख्या पर डेटा पेश करते हुए आरक्षण में धांधली का आरोप लगाया। इन आरोपों पर संसदीय कार्य मंत्री ने कड़ा ऐतराज जताते हुए स्पष्ट किया कि सरकार ओबीसी के 27 प्रतिशत आरक्षण के नियमों का अक्षरशः पालन कर रही है और विपक्ष केवल गुमराह करने की राजनीति कर रहा है।
