कानपुर यूनिवर्सिटी हॉस्टल में अब ‘खुफिया’ टीमें करेंगी छापेमारी, बाहरी लोगों पर होगी कार्रवाई
कानपुर के चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) ने हॉस्टलों में सुरक्षा और अनुशासन बनाए रखने के लिए एक बड़ा कदम उठाया है। अब शिक्षकों की तीन विशेष टीमें ‘खुफिया’ तरीके से हॉस्टलों में औचक छापेमारी करेंगी। इस पहल का मुख्य उद्देश्य हॉस्टल परिसर में बाहरी व्यक्तियों की अनधिकृत मौजूदगी और अन्य अनियमितताओं पर लगाम लगाना है, जिससे छात्रों के लिए सुरक्षित माहौल सुनिश्चित किया जा सके।
यह निर्णय हाल ही में विश्वविद्यालय के हॉस्टल में पीएचडी और एग्री बिजनेस मैनेजमेंट के छात्रों के बीच हुए गंभीर विवाद के बाद लिया गया है। इस घटना में हाथापाई और लाठी-डंडे चलने से कई छात्र घायल हो गए थे। जांच के दौरान, विश्वविद्यालय प्रशासन को हॉस्टलों में बाहरी छात्रों के आने और अन्य गड़बड़ियों की जानकारी मिली थी, जिससे आशंका जताई गई कि घटना वाले दिन भी कुछ बाहरी लोग मौजूद थे।
छापेमारी के दौरान यदि किसी छात्र में अनियमितता पाई जाती है, तो उस पर विश्वविद्यालय के नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। वहीं, हॉस्टल में कोई बाहरी व्यक्ति मिलने पर उसके खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। टीमों को छापेमारी से कुछ मिनट पहले ही इसकी सूचना दी जाएगी ताकि गोपनीयता बनी रहे।
छात्रों के बीच हुए संघर्ष के मामले में एग्री बिजनेस मैनेजमेंट (एबीएम) और पीएचडी के छात्रों के बयान दर्ज किए गए हैं, और जांच रिपोर्ट कुलपति को सौंप दी गई है। दोषी छात्रों पर जल्द ही कार्रवाई की जाएगी। इसके अतिरिक्त, घटना के दिन तीनों हॉस्टल के वार्डन की अनुपस्थिति के मामले में भी कार्रवाई की संभावना है। यह पहल कानपुर यूनिवर्सिटी प्रशासन की ओर से छात्रों की सुरक्षा और परिसर में शांति बनाए रखने की दिशा में एक महत्वपूर्ण प्रयास है।
