सीबीएसई 10वीं Maths पेपर ने छुड़ाए छात्रों के पसीने, कानपुर में ‘CBSE Exam News’ बनी चर्चा
कानपुर में केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा परिषद (CBSE) की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाएं मंगलवार से शुरू हो गईं, लेकिन पहले ही दिन 10वीं के गणित के पेपर ने छात्रों के पसीने छुड़ा दिए। शहर के 27 परीक्षा केंद्रों पर हुए इन इम्तिहानों में मैथमेटिक्स स्टैंडर्ड और बेसिक दोनों ही पेपरों को छात्रों और शिक्षकों ने काफी कठिन बताया। इस अप्रत्याशित कठिनाई से हजारों छात्रों के भविष्य और मानसिक स्वास्थ्य पर सीधा असर पड़ा है।
गणित के पेपर ने बढ़ाई छात्रों की चिंता
मंगलवार को 10वीं कक्षा के गणित के पेपर में शामिल हुए छात्रों ने बताया कि प्रश्न काफी ट्रिकी थे और उन्हें हल करने में सामान्य से अधिक समय लग रहा था। श्री गौरहरि सिंहानिया एजुकेशन सेंटर से लेकर डीपीएस और गुरुनानक मॉडर्न स्कूल तक के विद्यार्थियों ने शिकायत की कि एनसीईआरटी के पैटर्न पर आधारित होने के बावजूद पेपर का स्तर उम्मीद से कहीं ज्यादा मुश्किल था। कई छात्रों के महत्वपूर्ण सवाल छूट गए, जिससे वे बेहद निराश दिखे। शिक्षकों ने भी माना कि पेपर चुनौतीपूर्ण था और कुछ प्रश्न तो हटाए गए सिलेबस (डिलीटेड पार्ट) से भी पूछे गए थे, जो नियमों का उल्लंघन है।
बोर्ड को भेजा जाएगा फीडबैक
छात्रों की नाराजगी इतनी थी कि उन्होंने अपने स्कूलों में विषय शिक्षकों से इसकी शिकायत भी की। सीबीएसई की नई व्यवस्था के तहत, अब शिक्षक ई-मेल के माध्यम से बोर्ड को पेपर की कमियों के बारे में तथ्यात्मक फीडबैक देंगे और इसके प्रमाण भी प्रस्तुत करने होंगे। यह प्रक्रिया छात्रों की चिंताओं को बोर्ड तक पहुंचाने में मदद करेगी। हालांकि, 10वीं के गणित के पेपर में 10,986 में से केवल चार छात्र ही अनुपस्थित रहे, जो परीक्षा के प्रति छात्रों की गंभीरता को दर्शाता है।
अन्य पेपर रहे सामान्य
वहीं, सीबीएसई 12वीं के एंटरप्रेन्योरशिप और बायोटेक्नोलॉजी के पेपर सामान्य रहे और छात्रों की ओर से कोई खास शिकायत नहीं मिली। इन पेपरों में भी अनुपस्थिति नाममात्र की थी। सीआईएससीई (CISCE) बोर्ड की 10वीं (ICSE) का इंग्लिश लैंग्वेज (पेपर-01) भी काफी सरल रहा, जिससे छात्रों ने राहत की सांस ली। जयपुरिया स्कूल के छात्रों ने बताया कि पेपर पैटर्न के अनुसार था और टाइम मैनेजमेंट करने वाले छात्रों के लिए यह काफी आसान रहा।
