UP News: योगी कैबिनेट के बड़े फैसले, रजिस्ट्री से पहले सत्यापन और कर्मचारियों के लिए नए नियम
उत्तर प्रदेश सरकार ने जमीन की रजिस्ट्री में होने वाले फर्जीवाड़े को रोकने के लिए बड़ा कदम उठाया है। अब रजिस्ट्री से पहले जमीन के स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज (खतौनी) का सत्यापन अनिवार्य होगा। यह फैसला मंगलवार को हुई योगी कैबिनेट की बैठक में लिया गया, जहां 27 से अधिक अहम प्रस्तावों पर मुहर लगी। इस फैसले से आम जनता को बड़ी राहत मिलेगी और फर्जी तरीके से जमीन बेचने वालों पर लगाम लगेगी।
सरकारी कर्मचारियों के लिए आचरण नियमावली में बदलाव
कैबिनेट ने सरकारी कर्मचारियों की आचरण नियमावली, 1956 में संशोधन को भी मंजूरी दी है। इस बदलाव के तहत, यदि कोई कर्मचारी दो माह के मूल वेतन से अधिक मूल्य की चल संपत्ति का लेनदेन करता है, तो उसे इसकी सूचना संबंधित प्राधिकारी को देनी होगी। इसके साथ ही, एक कैलेंडर वर्ष में छह माह के मूल वेतन से अधिक राशि स्टॉक, शेयर या अन्य निवेश में लगाने पर भी जानकारी देना अनिवार्य होगा। यह कदम भ्रष्टाचार पर लगाम लगाने के लिए उठाया गया है।
ग्रामीण परिवहन और आवास योजनाओं को मंजूरी
कैबिनेट बैठक में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना को भी हरी झंडी मिली है। इस योजना के तहत प्रदेश के 12,200 गांवों तक बस सेवा पहुंचाई जाएगी, जिससे दूरदराज के ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को शहर आने-जाने में सुविधा होगी। इसके अलावा, आवास विभाग ने विकास प्राधिकरणों और आवास विकास के लंबे समय से अटके या बिना बिके घरों के लिए ‘वन टाइम सेटलमेंट’ (ओटीएस) योजना शुरू करने का प्रस्ताव रखा, जिसे मंजूरी मिली। इससे 19 हजार से अधिक डिफॉल्टरों को लाभ मिलने की उम्मीद है। पीएम आवास योजना (शहरी) के तहत भी किफायती आवासों को विस्तार दिया जाएगा।
उच्च शिक्षा कर्मचारियों को कैशलेस इलाज
उच्च शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को अब कैशलेस इलाज की सुविधा मिलेगी। कैबिनेट ने इससे जुड़े प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। इसके अलावा, ‘गिफ्ट डीड’ पर स्टाम्प शुल्क को सरल बनाने और नई एफडीआई (FDI) पॉलिसी से जुड़े प्रस्तावों पर भी विचार किया गया।
