UP News: अमेठी की बेटियों ने Aviation University में जीते गोल्ड मेडल, पिता की दुकान से एयरपोर्ट तक का सफर
उत्तर प्रदेश के अमेठी जिले के एक छोटे से गाँव नहर कोठी की दो सगी बहनों ने देश के सामने ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ की अनूठी मिसाल पेश की है। जैस्मिन और नताशा नाम की इन बहनों ने फुरसतगंज स्थित राजीव गांधी राष्ट्रीय विमानन विश्वविद्यालय (RGNAU) से डिग्री हासिल कर अपने परिवार और गाँव का नाम रोशन किया है। यह कहानी सिर्फ एक परिवार की नहीं, बल्कि उन करोड़ों बेटियों की है जो छोटे शहरों और गाँवों से निकलकर बड़े सपने देखती हैं।
साधारण पृष्ठभूमि से असाधारण उपलब्धि
इन बेटियों के पिता रामदेव यादव गाँव में एक साधारण जनरल स्टोर चलाते हैं। उन्होंने दिन-रात मेहनत करके अपनी बेटियों को पढ़ाया। उनकी बड़ी बेटी जैस्मिन ने पीजीडीएओ (पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा इन एयरपोर्ट ऑपरेशन) कोर्स में पूरे बैच में टॉप किया और दो गोल्ड मेडल अपने नाम किए। इनमें पीजीडीएओ कोर्स गोल्ड मेडल और चांसलर गोल्ड मेडल शामिल हैं। जैस्मिन वर्तमान में देश के सबसे व्यस्त हवाई अड्डों में से एक, इंदिरा गांधी अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डा, नई दिल्ली पर कार्यरत हैं।
जैस्मिन की सफलता से प्रेरित होकर उनकी छोटी बहन नताशा ने भी इसी राह को चुना। उन्होंने भी उसी विश्वविद्यालय से पीजीडीएओ कोर्स पूरा किया। दोनों बहनों ने अपनी मेहनत के दम पर यह मुकाम हासिल किया, जो ग्रामीण पृष्ठभूमि की लड़कियों के लिए एक नई राह खोलता है।
देश के एविएशन सेक्टर में ग्रामीण बेटियों की भागीदारी
भारत सरकार 2030 तक देश को दुनिया का तीसरा सबसे बड़ा एविएशन मार्केट बनाने की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में ग्रामीण क्षेत्रों की बेटियों का इस सेक्टर में कदम रखना एक महत्वपूर्ण बदलाव का संकेत है। विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में जब जैस्मिन को मेडल मिले, तो उनके पिता रामदेव यादव की आँखें नम थीं। उन्होंने आर्थिक तंगी के बावजूद कभी हार नहीं मानी और अपनी बेटियों की शिक्षा को प्राथमिकता दी। जैस्मिन ने कहा कि शिक्षा वह ताकत है जो सब कुछ बदल सकती है। यह कहानी उन सभी पिताओं के लिए एक सबक है जो बेटियों की पढ़ाई को बोझ समझते हैं।
