यूपी में युवाओं को मिलेगा रोजगार, कौशल विकास के तहत 80% प्लेसमेंट की तैयारी
उत्तर प्रदेश में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राज्य सरकार ने कौशल विकास प्रशिक्षण प्राप्त करने वाले युवाओं को बड़ी कंपनियों में आसानी से रोजगार दिलाने की योजना शुरू की है। इस पहल के तहत, मारुति इंडिया लिमिटेड, लार्सन एंड टुब्रो, रेमंड सहित 35 बड़े औद्योगिक समूहों के साथ एमओयू (समझौता ज्ञापन) किया गया है। सरकार का लक्ष्य है कि प्रशिक्षित युवाओं में से 80 प्रतिशत तक को प्रदेश में ही रोजगार मिले।
इस पहल का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अन्य राज्यों में नौकरी के लिए पलायन करने से रोकना है। प्रदेश में ही रोजगार मिलने से युवा अपने रहने-खाने के खर्चों को बचा सकेंगे और राज्य की अर्थव्यवस्था भी मजबूत होगी। सरकार ने प्रशिक्षण साझेदारों को सख्त निर्देश दिए हैं कि वे युवाओं को प्रदेश में ही रोजगार दिलाने पर जोर दें।
कौशल विकास योजना के तहत हर जिले में बड़े उद्योगों को चिह्नित कर उनके लिए दक्ष युवा तैयार करने का रोडमैप तैयार किया गया है। वर्तमान में यूपी में 500 निजी और 300 सरकारी प्रशिक्षण साझेदार कार्यरत हैं।
हालांकि, कुछ जिलों में योजनाओं के क्रियान्वयन में चुनौतियां सामने आ रही हैं। सुलतानपुर जिले में एक जिला एक उत्पाद (ODOP) योजना के तहत मूंज क्राफ्ट (Munj craft) को शामिल किया गया है। जिले में मूंज का उत्पाद तैयार करने वाले ज्यादातर लोग अभी भी पारंपरिक तरीकों पर निर्भर हैं। आधुनिक मशीनों का प्रयोग न होने के कारण उनका कारोबार समय के साथ बढ़ नहीं रहा है। बीते सात वर्षों में केवल 2332 लोगों ने ही मूंज क्राफ्ट कारोबार को बढ़ाने के लिए बैंक से ऋण लिया है। इस योजना के तहत ऋण और प्रशिक्षण का लक्ष्य पूरा न होने पर बाद में स्टील आयरन फ्रैब्रिकेशन को भी शामिल करना पड़ा।
