लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे पर सफर हुआ महंगा, शुभारंभ के 8 दिन बाद टोल में बढ़ोतरी
लखनऊ-कानपुर एलिवेटेड एक्सप्रेस वे, जिसे एनई-6 के नाम से भी जाना जाता है, के शुभारंभ के मात्र आठ दिनों के भीतर ही यात्रियों को टोल दरों में वृद्धि का सामना करना पड़ रहा है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने विभिन्न वाहनों के लिए टोल शुल्क में 5 रुपये से लेकर 80 रुपये तक की बढ़ोतरी की है, जो सोमवार रात 12 बजे से प्रभावी हो गई है। इस बढ़ोतरी का असर लखनऊ-कानपुर और लखनऊ-हरदोई हाईवे दोनों पर पड़ेगा। NHAI का कहना है कि टोल दरें बढ़ाने का प्रस्ताव मुख्यालय को पहले ही भेजा गया था और अब इसे लागू किया गया है।
इस नई दर वृद्धि से यात्रियों के बजट पर सीधा असर पड़ेगा, खासकर उन लोगों के लिए जो नियमित रूप से इस मार्ग का उपयोग करते हैं। हालांकि, NHAI का तर्क है कि यह वृद्धि आवश्यक परिचालन और रखरखाव लागतों को पूरा करने के लिए है।
लखनऊ-कानपुर एक्सप्रेस वे का लोकार्पण 13 जुलाई को हुआ था। शुरुआत में कार, जीप और एसयूवी के लिए एक तरफ का टोल 285 रुपये और दोनों तरफ का 425 रुपये था, जिसे अब बढ़ाकर क्रमशः 290 और 440 रुपये कर दिया गया है। इसी तरह, हल्के व्यावसायिक वाहनों और मिनी बसों के लिए टोल 460 और 685 रुपये से बढ़कर 470 और 710 रुपये हो गया है। अन्य भारी वाहनों के लिए भी टोल दरों में आनुपातिक वृद्धि की गई है, जिसमें मासिक पास की दरों में भी बढ़ोतरी शामिल है।
परिवहन निगम ने 63 किमी. लंबे इस एक्सप्रेस वे पर साधारण बसों के संचालन की भी मंजूरी दे दी है। एक्सप्रेस वे से यात्रा करने पर प्रति यात्री किराया 151 रुपये तय किया गया है, जो पुराने रूट से 18 रुपये अधिक है, लेकिन इससे यात्रा के समय में 30 से 40 मिनट की बचत होगी। बस स्टॉपेज मोहनलालगंज, बनी और उन्नाव कट पर बनाए गए हैं, जिससे यात्रियों को सुविधा होगी।
लखनऊ-हरदोई हाईवे पर भी टोल दरों में वृद्धि की गई है। कार, जीप, वैन और एसयूवी के लिए एक तरफ के टोल में कोई बदलाव नहीं किया गया है, लेकिन दोनों तरफ के टोल में पांच रुपये की वृद्धि हुई है। अन्य व्यावसायिक वाहनों के लिए भी दरों में बढ़ोतरी की गई है, जो सोमवार रात से लागू हो गई है।
