आगरा पर्यटन में रिकॉर्ड उछाल, डेस्टिनेशन वेडिंग्स और नए प्रोजेक्ट्स ने बढ़ाया आकर्षण
वर्ष 2025 आगरा के पर्यटन उद्योग के लिए एक महत्वपूर्ण वर्ष साबित हुआ। कोरोना महामारी के बाद पहली बार ताजमहल पर पर्यटकों की संख्या में रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई। इस वर्ष न केवल घरेलू बल्कि विदेशी पर्यटकों की संख्या में भी इजाफा हुआ, जिससे स्थानीय अर्थव्यवस्था को बड़ा संबल मिला। डेस्टिनेशन वेडिंग्स ने भी इस उछाल में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
ताजनगरी डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए एक पसंदीदा स्थान के रूप में उभरी। जयपुर और उदयपुर जैसे महंगे विकल्पों की तुलना में आगरा में बेहतर कनेक्टिविटी, किफायती होटल और ताजमहल जैसे विश्व धरोहर स्थलों की निकटता ने इसे आकर्षक बनाया। बड़े सायों के दौरान सितारा होटलों में कमरे मिलना मुश्किल हो गया, जिससे पर्यटन को नया आयाम मिला।
वर्षों से लंबित पड़े पर्यटन विकास परियोजनाओं ने 2025 में गति पकड़ी। छत्रपति शिवाजी महाराज म्यूजियम का निर्माण कार्य दोबारा शुरू हुआ। यह परियोजना, जिसे पहले मुगल म्यूजियम के नाम से जाना जाता था, अब टाटा प्रोजेक्ट्स द्वारा दिसंबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। इसमें शिवाजी महाराज के शौर्य के साथ ब्रज की संस्कृति को भी प्रदर्शित किया जाएगा।
शिल्पग्राम में मल्टीलेवल पार्किंग को यूनिटी मॉल में बदलने का काम भी शुरू हुआ। इस पहल का उद्देश्य ‘एक जिला एक उत्पाद’ योजना के तहत प्रदेश के उत्पादों को बढ़ावा देना है। इसके अलावा, आगरा किला में तकनीकी खामियों के कारण 2019 से बंद पड़ा साउंड एंड लाइट शो भी विश्व धरोहर दिवस पर दोबारा शुरू हो गया। इस शो में ब्रज की लीलाओं को दर्शाया गया, जिससे रात्रि पर्यटन को प्रोत्साहन मिला।
इन सकारात्मक घटनाक्रमों के बीच, वर्ष 2025 में यमुना नदी में आई बाढ़ ने भी सुर्खियां बटोरीं। यमुना का जलस्तर ताजमहल की दीवार तक पहुंच गया, जिससे स्मारक के आसपास के क्षेत्रों में पानी भर गया। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण ने इस वर्ष ताजमहल के मुख्य गुंबद पर 80 वर्षों बाद संरक्षण कार्य भी शुरू किया।
