कानपुर में दूषित पानी की समस्या: जल निगम नहीं ढूंढ पाया काला पानी का फॉल्ट
कानपुर के जूही और आसपास के करीब डेढ़ दर्जन मोहल्लों में पिछले एक साल से लोग दूषित और काला पानी पीने को मजबूर हैं। मंगलवार को भी इस समस्या का समाधान नहीं हो सका। महिला पार्षद के धरने के बाद जल निगम की टीम मौके पर पहुंची और पाइपलाइन में फॉल्ट तलाशने के लिए दो जगह खुदाई भी की, लेकिन घंटों की खोजबीन के बाद भी समस्या की जड़ तक नहीं पहुंचा जा सका।
शाम को कर्मचारी गड्ढे मिट्टी से पाटकर वापस लौट गए, जिससे स्थानीय लोगों का गुस्सा और बढ़ गया। जूही के संत रविदास नगर, बाथम का हाता, राखी मंडी, विनोबा नगर, बारादेवी, लक्ष्मणपुरवा जैसे इलाकों में रहने वाली 10 हजार से ज्यादा की आबादी इस दूषित पानी से परेशान है।
इस समस्या को लेकर सोमवार को पार्षद शालू सुनील कनौजिया ने प्रदर्शन किया था और जल निगम के खिलाफ नारेबाजी की थी। मंगलवार को टीम के फॉल्ट न ढूंढ पाने से लोगों में भारी नाराजगी है। जलकल जोन तीन के अधिशासी अभियंता सचिन ने बताया कि टीम फॉल्ट की तलाश कर रही है और जल्द ही मरम्मत कर जलापूर्ति सुचारू की जाएगी। इस समस्या का समाधान न होने से लोगों के स्वास्थ्य पर गंभीर असर पड़ने की आशंका है।
