ओडीके सर्वे से किसानों के लिए बनेंगी अनुरूप योजनाएं, कृषि विज्ञान केंद्रों को मिला प्रशिक्षण
कानपुर में कृषि विज्ञान केंद्रों (केवीके) के वैज्ञानिकों को आधुनिक डिजिटल सर्वेक्षण तकनीकों में प्रशिक्षित करने के लिए एक दो दिवसीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य ओपन डाटा किट (ओडीके) का उपयोग करके किसानों से सटीक और विश्वसनीय जानकारी एकत्र करना है। इस जानकारी का उपयोग कृषि अनुसंधान को बेहतर बनाने, नई तकनीकों को विकसित करने और किसानों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप योजनाएं तैयार करने में किया जाएगा।
कार्यक्रम में विशेषज्ञों ने डेटा संग्रहण और गुणवत्ता नियंत्रण पर व्यावहारिक प्रशिक्षण दिया। यह पहल किसानों की स्थानीय आवश्यकताओं और चुनौतियों को समझने पर केंद्रित है, ताकि कृषि संबंधी गतिविधियां उनकी जरूरतों के अनुसार संचालित हो सकें। इस प्रशिक्षण में उत्तर प्रदेश और बिहार के विभिन्न कृषि विज्ञान केंद्रों के वैज्ञानिकों ने भाग लिया, जिससे वे किसानों की समस्याओं को बेहतर ढंग से समझकर समाधान प्रदान कर सकें।
यह प्रशिक्षण किसानों के लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि इससे उनकी समस्याओं को सीधे तौर पर समझा जा सकेगा और उसी के अनुसार सरकारी योजनाएं व कृषि तकनीकें विकसित की जाएंगी। गुणवत्तापूर्ण आंकड़े कृषि प्रसार प्रणाली को मजबूत बनाते हैं और वैज्ञानिक निर्णय लेने में सहायक होते हैं।
