पेयजल में सीवेज प्रदूषण पर NGT सख्त, UP, MP, Rajasthan को नोटिस, मांगा जवाब | Water pollution news
राष्ट्रीय हरित न्यायाधिकरण (NGT) ने उत्तर प्रदेश, मध्य प्रदेश और राजस्थान के कई शहरों में सीवेज से दूषित पेयजल आपूर्ति की मीडिया रिपोर्टों पर स्वतः संज्ञान लिया है। न्यायाधिकरण ने केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और संबंधित राज्यों से जवाब मांगा है, क्योंकि इससे गंभीर स्वास्थ्य जोखिम पैदा हो सकते हैं।
यह मामला तब सामने आया जब रिपोर्टों में खुलासा हुआ कि राजस्थान के उदयपुर, जोधपुर, कोटा, बांसवाड़ा, जयपुर और अजमेर जैसे शहरों में जर्जर बुनियादी ढांचे के कारण सीवेज का पानी पेयजल पाइपलाइनों में मिल रहा है। इससे गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं उत्पन्न होने का खतरा है, जैसा कि हाल ही में इंदौर में दूषित पानी पीने से हुई मौतों के मामले में देखा गया था।
इसके अतिरिक्त, ग्रेटर नोएडा (सेक्टर डेल्टा 1) के निवासियों के भी दूषित पेयजल पीने के बाद उल्टी और दस्त से बीमार पड़ने की खबरें हैं। NGT ने इन रिपोर्टों का संज्ञान लेते हुए संबंधित अधिकारियों से जवाब मांगा है ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके और नागरिकों के स्वास्थ्य की रक्षा की जा सके।
