दिल्ली के युवराज हत्याकांड में पूर्व सहकर्मी और उसका साथी गिरफ्तार, गुरुग्राम से मिला था शव | delhi crime news
राजधानी दिल्ली के बहुचर्चित युवराज सिंह मनचंदा हत्याकांड में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। सरिता विहार निवासी 31 वर्षीय युवराज 6 सितंबर को गुरुग्राम में मीटिंग का कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार की शिकायत पर पुलिस ने जब तकनीकी जांच और कॉल डिटेल खंगाली, तो उनकी पूर्व ऑफिस सहयोगी अन्या वत्स का नाम सामने आया। (delhi crime news)
जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मुख्य आरोपी अन्या वत्स और उसका साथी संयम सचदेवा घटना के बाद से फरार थे। मोबाइल लोकेशन और सर्विलांस के आधार पर दिल्ली पुलिस की एक विशेष टीम ने दोनों को उत्तराखंड से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपियों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया और बताया कि हत्या के बाद शव को गुरुग्राम के एक नाले में फेंक दिया गया था।
इससे पहले 10 सितंबर को गुरुग्राम के बादशाहपुर थाना क्षेत्र में एक अज्ञात शव मिला था, जिसकी शिनाख्त बाद में युवराज के रूप में हुई। इस घटना ने एक बार फिर कामकाजी रिश्तों में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति और सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। फिलहाल, अदालत ने दोनों आरोपियों को पांच दिन की पुलिस कस्टडी में सौंपा है और पुलिस हत्या के असली कारणों तथा अन्य साक्ष्यों को जुटाने में लगातार दबिश दे रही है।
