मिलिट्री बंकर और बैंक वॉल्ट निर्माण में इस्तेमाल होने वाले विशेष कंक्रीट का रहस्य | science news
देश के संवेदनशील रक्षा ठिकानों, मिलिट्री बंकरों, परमाणु अनुसंधान केंद्रों और बैंकों के हाई-सिक्योरिटी वॉल्ट को तैयार करने में साधारण सामग्री का उपयोग नहीं होता है। ऐसे अति-सुरक्षित स्ट्रक्चर्स को बनाने के लिए अल्ट्रा-हाई परफॉर्मेंस कंक्रीट यानी UHPC का इस्तेमाल किया जाता है [science news]। यह तकनीक आम निर्माण सामग्री की तुलना में दस गुना तक अधिक शक्तिशाली होती है और किसी भी बड़े बम या मिसाइल के सीधे हमले को झेलने की अद्भुत क्षमता रखती है।
सामान्य निर्माण कार्यों में उपयोग होने वाले कंक्रीट में पानी, सीमेंट, रेत और बजरी का मिश्रण होता है, जिससे सूक्ष्म छिद्र छूट जाते हैं। इसके विपरीत, यूएचपीसी में पोर्टलैंड सीमेंट के मुख्य बेस के साथ सिलिका फ्यूम और क्वार्ट्ज पाउडर का सटीक मिश्रण तैयार किया जाता है। ये अत्यंत सूक्ष्म कण कंक्रीट के भीतर मौजूद रिक्त स्थानों को पूरी तरह से सील कर देते हैं, जिससे हवा या नमी के प्रवेश की कोई गुंजाइश नहीं बचती है।
इस कंक्रीट की मुख्य विशेषता इसमें मिलाए जाने वाले हाई-कार्बन स्टील और ग्लास फाइबर्स हैं। लाखों की संख्या में मौजूद ये महीन रेशे आंतरिक रूप से एक मजबूत जाल बनाते हैं, जो कंक्रीट को न केवल अत्यधिक सघन बनाते हैं बल्कि उसे लचीलापन भी प्रदान करते हैं। जब कोई बम या मिसाइल ऐसी दीवार से टकराती है, तो उच्च घनत्व और स्टील फाइबर्स के कारण विस्फोट का झटका पूरी दीवार पर फैल जाता है, जिससे ढांचा बिखरने से बच जाता है। जनता के लिए ऐसे मजबूत ढांचे आपदा और युद्ध जैसी आपात स्थितियों में जीवन रक्षा का मुख्य आधार बनते हैं।
