बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने हरिद्वार में की आत्महत्या | crime news
उत्तराखंड के हरिद्वार शहर में एक बड़ी और चौंकाने वाली घटना सामने आई है, जहाँ बहुचर्चित निठारी कांड के आरोपी सुरेंद्र कोली ने आत्महत्या कर ली है। कोली ने शहर कोतवाली क्षेत्र के भूपतवाला इलाके में स्थित अपनी चाय की दुकान पर फंदा लगाकर अपनी जान दे दी। स्थानीय लोगों की सूचना पर तुरंत पुलिस मौके पर पहुँची और शव को नीचे उतारकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि उसने यह खौफनाक कदम क्यों उठाया [crime news]।
सुरेंद्र कोली पिछले कुछ समय से जेल से रिहा होने के बाद इसी इलाके में सामान्य जीवन बिताने की कोशिश कर रहा था और अपनी आजीविका के लिए चाय की दुकान चला रहा था। इस अप्रत्याशित घटना के बाद एक बार फिर निठारी कांड की डरावनी यादें ताजा हो गई हैं। इस तरह के हाई-प्रोफाइल मामलों से जुड़े आरोपियों के पुनर्वास और मानसिक स्वास्थ्य को लेकर समाज में एक बार फिर गंभीर सवाल खड़े होने लगे हैं।
वर्ष 2005-06 के दौरान नोएडा के निठारी इलाके में बच्चों और महिलाओं के रहस्यमय ढंग से लापता होने की सिलसिलेवार घटनाओं ने पूरे देश को झकझोर कर रख दिया था। लंबी जांच-पड़ताल के बाद 29 दिसंबर 2006 को पुलिस ने सेक्टर-31 स्थित कारोबारी मोनिंदर सिंह पंढेर की कोठी D-5 पर छापा मारा था। कोठी के पीछे बने नाले से पुलिस ने कई मानव कंकाल, खोपड़ियां और पीड़ित के वस्त्र बरामद किए थे, जिसके बाद पंढेर और उसके घरेलू सहायक सुरेंद्र कोली को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी गई थी, और अदालती प्रक्रिया के लंबे दौर के बाद हाल ही में कोली को कई मामलों में बरी किया गया था।
