डीटीसी कर्मचारियों की हड़ताल से राष्ट्रीय राजधानी में थमी रफ्तार, यात्रियों को हो रही भारी परेशानी | delhi news
राजधानी दिल्ली में सार्वजनिक परिवहन व्यवस्था उस वक्त चरमरा गई जब डीटीसी (DTC) के संविदा कर्मचारियों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर अचानक अनिश्चितकालीन हड़ताल शुरू कर दी। इस हड़ताल के कारण सुबह से ही डिपो में बसें खड़ी नजर आई और सड़कों पर यात्रियों की लंबी कतारें देखने को मिलीं। कार्यस्थल और अस्पतालों की ओर जाने वाले आम नागरिकों को इस अचानक उपजे संकट से भारी जूझना पड़ रहा है (delhi news)।
कर्मचारियों का मुख्य रोष उनके कम मानदेय और सुविधाओं के अभाव को लेकर है। आंदोलनरत चालकों और कंडक्टरों का कहना है कि उन्हें प्रति माह बेहद कम वेतन मिलता है, जिससे इस मंहगाई के दौर में परिवार चलाना असंभव हो गया है। वे वेतन में बढ़ोतरी के साथ-साथ चिकित्सा सुविधा और दुर्घटना बीमा जैसी बुनियादी सुरक्षा की मांग कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का स्पष्ट कहना है कि जब तक प्रशासन उनकी इन मांगों पर ठोस निर्णय नहीं लेता, तब तक उनका यह आंदोलन जारी रहेगा।
परिवहन सेवाओं के ठप होने का असर अन्य यात्रा माध्यमों पर साफ तौर पर दिखाई दे रहा है। ऑटो, टैक्सी और ग्रामीण सेवा चालकों ने स्थिति का फायदा उठाते हुए तय किराए से कई गुना अधिक वसूली शुरू कर दी है, जिससे गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की जेब पर भारी डाका पड़ रहा है। इस हड़ताल ने एक बार फिर महानगरों में सार्वजनिक परिवहन तंत्र की मजबूती और संविदा कर्मियों के अधिकारों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, जिसपर त्वरित प्रशासनिक हस्तक्षेप की आवश्यकता है।
