संसद का मानसून सत्र अनिश्चितकाल के लिए स्थगित, 96 घंटे से अधिक का काम प्रभावित
संसद का मानसून सत्र गुरुवार को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित हो गया। लोकसभा की कार्यवाही अंतिम दिन सिर्फ 1 मिनट चली, जबकि राज्यसभा करीब 1 घंटे तक चली। लोकसभा में प्रधानमंत्री मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, पूरी कैबिनेट और विपक्ष के नेता राहुल गांधी मौजूद रहे। स्पीकर ओम बिड़ला ने वंदे मातरम गान के बाद सदन की कार्यवाही स्थगित कर दी।
राज्यसभा में अंतिम दिन माइंस एंड मिनरल्स (डेवलपमेंट एंड रेगुलेशन) अमेंडमेंट बिल, 2026 पास हुआ। इसके बाद वंदे मातरम हुआ और सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी गई। इस सत्र में लोकसभा में 114 घंटे की कार्यवाही में से केवल 17 घंटे 30 मिनट ही काम हो सका, जिससे करीब 96 घंटे 30 मिनट का काम प्रभावित हुआ। वहीं, राज्यसभा में 114 घंटे में से लगभग 37 घंटे 20 मिनट काम हुआ, जिससे करीब 76 घंटे 40 मिनट का काम प्रभावित हुआ।
राज्यसभा में सदन के नेता जेपी नड्डा ने कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे द्वारा हल्द्वानी में उनके कार्यक्रम के बाद मंच के ‘शुद्धिकरण’ के मुद्दे को दुखद बताया और जांच का भरोसा दिलाया। सभापति राधाकृष्णन ने छुआछूत को पाप बताते हुए मामले की जांच और दोषियों को सजा की मांग की। खड़गे ने आरोप लगाया कि बीजेपी के लोगों ने उनके भाषण के बाद मंच को ‘शुद्ध’ करने के लिए हवन किया।
इस सत्र के दौरान विभिन्न मुद्दों पर भी गरमागरमी देखी गई। गृह मंत्री अमित शाह ने जंतर-मंतर प्रदर्शन पर चर्चा की पेशकश की थी, जबकि राहुल गांधी ने छात्रों पर गोली चलाने का आदेश देने वाले की पहचान की मांग की। संसदीय कार्य मंत्री किरेन रिजिजू ने विपक्ष पर चर्चा से भागने का आरोप लगाया। सत्र के दौरान राम मंदिर चढ़ावा चोरी और नीट पेपर लीक जैसे मुद्दे भी उठे, जिन पर हंगामे के कारण कार्यवाही बाधित हुई।
