कानपुर: सपने में छेड़छाड़ का झूठा केस, ससुर पर चलेगा मुकदमा; कोर्ट ने दिया आदेश
कानपुर में एक विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। कोर्ट ने दामाद को छेड़छाड़ के झूठे आरोप से बरी करते हुए उसके ससुर पर मुकदमा चलाने का आदेश दिया है। यह मामला तब सामने आया जब ससुर ने अपने दामाद के खिलाफ नाबालिग बेटी के साथ छेड़छाड़ का केस दर्ज कराया था। कोर्ट में सुनवाई के दौरान नाबालिग लड़की ने खुद स्वीकार किया कि घटना हकीकत में नहीं, बल्कि दवा के नशे में देखे गए सपने में हुई थी।
क्या था पूरा मामला?
बिठूर निवासी एक एयरफोर्स कर्मी का विवाह 2019 में बिधनू की एक युवती से हुआ था। विवाह के कुछ दिन बाद जब एयरफोर्स कर्मी अपनी पत्नी को लेने ससुराल गया, तो उसकी 15 वर्षीय साली भी साथ आ गई। दर्ज रिपोर्ट के मुताबिक, 8 मार्च की रात किशोरी ने शोर मचाया और आरोप लगाया कि जीजा ने उसके साथ छेड़छाड़ की। इस पर उसकी बड़ी बहन ने पुलिस को बुलाया। आरोप था कि एयरफोर्स कर्मी अपने पिता के साथ फरार हो गया। पीड़िता के पिता की तहरीर पर नौबस्ता थाने में करीब पांच माह बाद यह रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
कोर्ट में पीड़िता ने दिया चौंकाने वाला बयान
कोर्ट में सुनवाई के दौरान पीड़िता ने अपने बयान में बताया कि घटना वाली रात उसने एंटीबायोटिक दवा खाई थी, जो नशीली थी। उसने कहा कि वह आधी नींद में थी और उसे सपने में महसूस हुआ कि जीजा उसके साथ छेड़छाड़ कर रहे हैं। उसने शोर मचाया, जिसके बाद उसकी बहन कमरे में आई। पीड़िता ने स्पष्ट किया कि यह सब हकीकत नहीं, बल्कि सपना था।
कोर्ट का फैसला
पीड़िता के इस बयान के आधार पर कोर्ट ने साक्ष्यों के अभाव में आरोपित एयरफोर्स कर्मी को बरी कर दिया। इसके साथ ही, कोर्ट ने वादी (पीड़िता के पिता) पर झूठे साक्ष्य पेश करने के लिए अलग से फौजदारी प्रकीर्ण वाद दर्ज करने का आदेश दिया। पीड़िता के पिता और बड़ी बहन ने भी कोर्ट में स्वीकार किया कि उन्होंने भ्रमवश यह मुकदमा दर्ज कराया था।
