शाहरुख खान और विक्रांत मैसी का सफर: TV से National Award तक, दोनों की कहानी क्यों है खास?
हाल ही में 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में दो अभिनेताओं के सफर ने सबका ध्यान खींचा। ये हैं शाहरुख खान और विक्रांत मैसी। दोनों ने ही अपने करियर की शुरुआत छोटे पर्दे से की थी और अब दोनों राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता बन चुके हैं। यह संयोग कई उभरते कलाकारों के लिए एक बड़ी प्रेरणा है।
शाहरुख खान ने 1989 में टीवी शो ‘फौजी’ से अपने अभिनय की शुरुआत की थी। इसके बाद उन्होंने 1992 में ‘दीवाना’ से बॉलीवुड में कदम रखा और ‘किंग ऑफ बॉलीवुड’ बन गए। तीन दशक बाद, उन्हें 71वें नेशनल अवार्ड्स में ‘जवान’ (2023) के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला। यह उनका पहला राष्ट्रीय पुरस्कार था, जिसने उनकी स्टार पावर को एक बार फिर साबित किया।
विक्रांत मैसी ने भी अपनी यात्रा टीवी से शुरू की। उन्होंने 2007 में ‘धूम मचाओ धूम’ और फिर ‘बालिका वधू’ में श्याम के किरदार से पहचान बनाई। 2013 में ‘लुटेरा’ से उन्होंने फिल्मों में अपनी जगह बनाई। उन्हें 71वें नेशनल फिल्म अवार्ड्स में ’12वीं फेल’ (2023) में मनोज कुमार शर्मा के किरदार के लिए सर्वश्रेष्ठ अभिनेता का पुरस्कार मिला।
दोनों अभिनेताओं के बीच सम्मान का एक खास रिश्ता भी है। हाल ही में एक कार्यक्रम में विक्रांत मैसी ने शाहरुख खान के प्रति अपना गहरा सम्मान व्यक्त किया। उनकी यह भावुक मुलाकात सोशल मीडिया पर वायरल हुई, जहां विक्रांत ने शाहरुख के हाथों को चूमा और उन्हें गले लगाया। यह दृश्य उनके समान सफर को और भी खास बनाता है।
शाहरुख खान जल्द ही सिद्धार्थ आनंद की फिल्म ‘किंग’ में नजर आएंगे, जबकि विक्रांत मैसी ‘व्हाइट’ नामक फिल्म में गुरुदेव श्री श्री रविशंकर की भूमिका निभाएंगे।
