दो साल से लापता किशोरी का आगरा से फोन, ‘मुझे बचा लो’ – पश्चिम बंगाल से परिवार की गुहार
पश्चिम बंगाल से एक परिवार दो साल से लापता अपनी बेटी की तलाश में आगरा पहुंचा है। किशोरी ने कथित तौर पर ताजमहल के पास से फोन कर खुद को मुसीबत में बताते हुए बचाने की अपील की है। इस घटना ने परिवार को उम्मीद की किरण दिखाई है, लेकिन साथ ही चिंता भी बढ़ा दी है।
किशोरी की तलाश और अनपेक्षित कॉल
पश्चिम बंगाल के उत्तर जिले की रहने वाली झरना बीबी ने बताया कि उनकी 15 वर्षीय बेटी दो साल पहले स्कूल जाने के बाद लापता हो गई थी। गुमशुदगी दर्ज कराने और हर संभव प्रयास के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला था। 17 जनवरी को परिवार के एक सदस्य को एक अंजान नंबर से फोन आया, जिसमें उनकी बेटी की आवाज थी। उसने बताया कि वह आगरा में ताजमहल के आसपास फंसी हुई है और मदद की गुहार लगाई।
आगरा पहुंचकर पुलिस से संपर्क
बेटी की बात सुनकर परिवार तुरंत आगरा पहुंचा। उन्होंने उस नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की, जिससे किशोरी ने फोन किया था। आरोप है कि फोन उठाने वाले एक युवक ने अभद्रता की और कहा कि किशोरी ने उसका मोबाइल मांगकर बात की थी, और वह उसके बारे में कुछ नहीं जानता। इसके बाद परिवार ताजगंज थाने पहुंचा और शिकायत दर्ज कराई।
पुलिस की कार्रवाई और आगे की जांच
परिवार ने थाने में तहरीर दी है। पुलिस ने गुमशुदगी के दस्तावेज लाने को कहा, जो वे बंगाल से नहीं ला पाए थे। हालांकि, भाजपा ओबीसी मोर्चा के प्रदीप राठौर के हस्तक्षेप के बाद मामले की जानकारी एसीपी ताज सुरक्षा योगेंद्र नागर को दी गई। एसीपी ने थाना पुलिस को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन की लोकेशन और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की मदद से किशोरी का पता लगाने का प्रयास करेगी। इस घटना का सार्वजनिक प्रभाव यह है कि यह उन गुमशुदा बच्चों के परिवारों के लिए एक उम्मीद जगाता है जो वर्षों से अपने प्रियजनों की तलाश कर रहे हैं, साथ ही यह भी दर्शाता है कि ऐसे मामलों में त्वरित और प्रभावी पुलिस कार्रवाई कितनी महत्वपूर्ण है।
