आगरा में फर्जी कॉल सेंटर का भंडाफोड़, 15 राज्यों के 2500 बेरोजगारों से 2 करोड़ की ठगी, 4 गिरफ्तार
आगरा में पुलिस ने एक बड़े फर्जी कॉल सेंटर का पर्दाफाश किया है, जिसने देश भर के बेरोजगारों को नौकरी का झांसा देकर करोड़ों की ठगी को अंजाम दिया। इस गिरोह ने 15 राज्यों के 2500 से अधिक लोगों को अपना शिकार बनाया, जिससे करीब दो करोड़ रुपये की धोखाधड़ी हुई। इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जिनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं।
यह गिरोह लोगों को प्रतिष्ठित कंपनियों में गार्ड और सुपरवाइजर जैसी नौकरियों का लालच देता था। इसके लिए वे अभ्यर्थियों से क्यूआर कोड के माध्यम से 8,800 रुपये की राशि जमा करवाते थे। ठगी का शिकार हुए लोगों को फर्जी साक्षात्कार पत्र भी भेजे जाते थे, जिससे उन्हें अपनी नौकरी पर विश्वास हो जाता था। पिछले दो वर्षों में इस गिरोह ने बेरोजगारों से भारी रकम ऐंठी है।
साइबर क्राइम पोर्टल पर 100 से अधिक शिकायतें मिलने के बाद पुलिस सक्रिय हुई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को पकड़ा है, जिनमें अजय कुमार, तरुण सिंह, भावना और प्रीति शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी फेसबुक पर नामी कंपनियों के नाम से विज्ञापन पोस्ट करते थे और 20 से 30 हजार रुपये मासिक वेतन का वादा करते थे। कमीशन के तौर पर 8,800 रुपये की मांग की जाती थी।
ठगी के शिकार लोगों द्वारा शिकायत दर्ज कराने पर, आरोपी नए बैंक खाते खोल लेते थे और उनके क्यूआर कोड का इस्तेमाल करते थे। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 मोबाइल फोन, 28 डेबिट/क्रेडिट कार्ड, 32 बैंक पासबुक, आठ सिम कार्ड, सात आधार कार्ड, छह पैन कार्ड और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज बरामद किए हैं। यह गिरोह बेरोजगारों की मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें ठग रहा था, जिससे उनकी आर्थिक स्थिति पर गहरा असर पड़ा है।
