आगरा में रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक आस्था का 'महाकुंभ' देखने को मिला, जब हजारों शिवभक्तों ने 44 किलोमीटर की पारंपरिक नगर परिक्रमा पूरी की। रात के सन्नाटे में भी सड़कों पर आस्था...
आगरा में रविवार देर रात से सोमवार सुबह तक आस्था का ‘महाकुंभ’ देखने को मिला, जब हजारों शिवभक्तों ने 44 किलोमीटर की पारंपरिक नगर परिक्रमा पूरी की। रात के सन्नाटे में भी सड़कों पर आस्था का भगवा ज्वार नजर आया, जहाँ हर ओर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयघोष गूंज रहे थे। नंगे पैर परिक्रमा कर रहे श्रद्धालुओं के पैरों में छाले थे, लेकिन चेहरे पर थकान से अधिक भक्ति का तेज था।
इस यात्रा में शहर की चारों दिशाओं में विराजमान राजेश्वर महादेव, बल्केश्वरनाथ महादेव, कैलाशनाथ महादेव और पृथ्वीनाथ महादेव के दर्शन-पूजन शामिल थे। मान्यता है कि इन शिवालयों की परिक्रमा से नगर पर आने वाली विपत्तियां टलती हैं और सुख-समृद्धि बनी रहती है। श्रद्धालुओं ने मार्ग में पड़ने वाले अन्य शिवालयों पर भी जलाभिषेक किया।
नगर परिक्रमा श्रद्धालुओं के लिए आस्था के साथ-साथ एक तपस्या भी रही। मेट्रो निर्माण कार्य के कारण मार्ग में गिट्टियां, गड्ढे और कच्चे रास्ते थे, जिससे नंगे पैर चलना चुनौतीपूर्ण था। इसके बावजूद, श्रद्धालुओं ने किसी भी शिकायत के बिना शिवभक्ति में लीन होकर यात्रा जारी रखी। उनका कहना था कि ‘भोलेनाथ बुला रहे हैं, परिक्रमा तो पूरी करेंगे’।
आस्था के इस ज्वार के साथ-साथ सेवा की मिसाल भी देखने को मिली। मार्ग में जगह-जगह सेवा शिविर और भंडारे लगाए गए, जहाँ श्रद्धालुओं को भोजन, चाय, पानी और शरबत जैसी सुविधाएं निश्शुल्क उपलब्ध कराई गईं। भजनों की धुन पर नाचती-झूमती युवाओं की टोलियों और डमरू की थाप ने वातावरण को उत्सव में बदल दिया।
पुलिस, प्रशासन और नगर निगम की टीमें पूरी रात यात्रा मार्ग पर तैनात रहीं। इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से कैमरों के माध्यम से निगरानी की गई, स्वास्थ्य विभाग की टीमों ने श्रद्धालुओं को राहत पहुंचाई और नगर निगम ने प्रकाश व्यवस्था के लिए अस्थायी लाइटें लगाईं। कच्चे हिस्सों को समतल कराया गया और विश्राम के लिए पंडाल भी बनाए गए। मेयर और नगर आयुक्त सहित अन्य अधिकारियों ने बल्केश्वरनाथ महादेव मंदिर पहुंचकर श्रद्धालुओं का स्वागत किया।