आगरा में धुंध और प्रदूषण का डबल अटैक, AQI 200 पार; अस्थमा के मरीजों की बढ़ी मुसीबत, डॉक्टर ने दी चेतावनी
आगरा में धुंध के कारण दृश्यता 200 मीटर तक कम हो गई, जिससे हाईवे पर वाहनों की गति धीमी रही। सर्द हवा चलने और धुंध छाने से प्रदूषक तत्व का स्तर निचली सतह पर बढ़ने से वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 200 के पार पहुंच गया। सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परेशानी होने के साथ ही अस्थमा अटैक का खतरा भी बढ़ गया है।
मौसम विभाग का पूर्वानुमान है कि रविवार को भी सुबह धुंध छाई रहेगी और दिन में तेज धूप निकलेगी। सुबह धुंध छाने से सात बजे तक दृश्यता 200 मीटर तक रही, हाईवे, एक्सप्रेसवे, पोइया घाट मार्ग, यमुना किनारा मार्ग पर सुबह के समय दृश्यता 100 मीटर से कम पहुंच गई। इससे न्यूनतम तापमान 10.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह आठ बजे के बाद धूप तेज बढ़ने लगी, दोपहर में तेज धूप में गर्म कपड़े में खड़ा होना मुश्किल हो गया।
उधर, धुंध छाने से प्रदूषक तत्व का स्तर निचली सतह पर बढ़ गया। वायु गुणवत्ता सूचकांक AQI 200 के पार पहुंच गया, रात नौ बजे 207 दर्ज किया गया। इसमें भी अति सूक्ष्म कण के साथ ही ओजोन और कार्बन मोनो ऑक्साइड का स्तर ज्यादा रहने से सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों को परेशानी होने लगी। धूल कण और जाम में वाहनों के फंसने से सबसे ज्यादा AQI 223 शाहजहां गार्डन का दर्ज किया गया।
एसएन मेडिकल कॉलेज के रेस्पिरेटरी मेडिसिन विभाग के अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार ने बताया कि कार्बन मोनो ऑक्साइड, ओजोन और अति सूक्ष्म कण का स्तर बढ़ने से बुजुर्ग और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित मरीजों की सांस फूल रही है। ओजोन का स्तर बढ़ने से बेचैनी और घबराहट हो रही है। लोग खांसते-खांसते परेशान हैं, अस्थमा अटैक के तीन मरीज भर्ती किए गए हैं।
डॉक्टरों ने सलाह दी है कि सुबह और शाम को धुंध छाने पर हृदय, मधुमेह और सांस रोगी टहलने ना जाएं, धूप निकलने पर ही टहलें। प्रदूषण अधिक होने पर घर पर ही रहें, मास्क और रूमाल का इस्तेमाल करें। पानी का सेवन अधिक करें, पौष्टिक आहार लें और गर्म कपड़े पहनें।
