दिल्ली की हवा फिर ‘बहुत खराब’ श्रेणी में, राहत के आसार नहीं
दिल्ली की हवा एक बार फिर सांस लेना मुश्किल कर रही है। सुबह कुछ देर की राहत के बाद दोपहर से ही वायु गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में लौट आई है। केंद्रीय प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड (सीपीसीबी) द्वारा जारी किए गए आंकड़ों के अनुसार, पिछले 24 घंटे का औसत वायु गुणवत्ता सूचकांक (एक्यूआई) 304 दर्ज किया गया है, जो स्वास्थ्य के लिए चिंताजनक है।
सूत्रों के अनुसार, रविवार तक इस स्थिति में किसी बड़े सुधार की संभावना काफी कम है। इस बीच, रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन का दिल्ली दौरा भी राजधानी की इसी प्रदूषित हवा के बीच हो रहा है। उनके आगमन के दौरान भी शहर की हवा की गुणवत्ता ‘बहुत खराब’ श्रेणी में ही बनी रहने की आशंका है।
यह स्थिति तब है जब बीते रविवार के बाद बृहस्पतिवार की सुबह दिल्ली की हवा ‘बहुत खराब’ से सुधरकर ‘खराब’ श्रेणी में आई थी और एक्यूआई 299 दर्ज किया गया था। लेकिन यह राहत क्षणिक साबित हुई और दोपहर बाद एक्यूआई फिर से 300 के पार चला गया। सीपीसीबी के ‘समीर’ ऐप के आंकड़ों के अनुसार, राजधानी के 40 निगरानी केंद्रों में से 27 ने ‘बहुत खराब’ वायु गुणवत्ता दर्ज की, जिनमें नेहरू नगर सबसे प्रदूषित पाया गया जहां एक्यूआई 362 तक पहुंच गया।
भारतीय उष्णकटिदेशीय मौसम विज्ञान संस्थान (आईआईटीएम)-पुणे के डिसीजन सपोर्ट सिस्टम (डीएसएस) के विश्लेषण के अनुसार, बृहस्पतिवार को दिल्ली के प्रदूषण में वाहनों से होने वाले उत्सर्जन का योगदान 13.7 प्रतिशत था। यह स्थानीय स्रोतों से होने वाले प्रदूषण में सबसे अधिक है। शुक्रवार को यह योगदान बढ़कर 15 प्रतिशत रहने का अनुमान है, जो बताता है कि सड़कों पर दौड़ते वाहन दिल्ली की हवा को जहरीला बनाने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इस मौसम में बढ़ते प्रदूषण से निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी उपायों की आवश्यकता है।
