इंडिगो संकट: फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों का गुस्सा सातवें आसमान पर
इंडिगो एयरलाइंस में परिचालन संबंधी अव्यवस्था का दौर शुक्रवार को तीसरे दिन भी जारी रहा, जिससे देश भर के प्रमुख हवाई अड्डों पर यात्रियों का गुस्सा और भ्रम का माहौल देखने को मिला। उड़ानों में लगातार हो रही देरी और भारी संख्या में रद्दीकरण ने यात्रियों को बेबस कर दिया है।
शुक्रवार को अकेले 750 से अधिक उड़ानें रद्द की गईं, जबकि गुरुवार को भी 550 उड़ानों को रद्द करना पड़ा था। दिल्ली हवाई अड्डे से निर्धारित सभी 235 उड़ानें रद्द कर दी गईं। चेन्नई हवाई अड्डे पर शाम 6 बजे तक परिचालन प्रभावित रहने की उम्मीद थी। बेंगलुरु, मुंबई, हैदराबाद और अहमदाबाद जैसे शहरों में भी यात्रियों को गंभीर दिक्कतों का सामना करना पड़ा।
चेन्नई हवाई अड्डे पर, यात्रियों ने इंडिगो कर्मचारियों से जवाब मांगा। उन्होंने आवास, रिफंड और रद्दीकरण की अग्रिम सूचना न दिए जाने के कारणों पर स्पष्टीकरण की मांग की। एयरलाइन के टिकट काउंटरों के बाहर लंबी कतारें लग गईं, जहाँ कई यात्री रिफंड या पुन: बुकिंग का प्रयास कर रहे थे।
बेंगलुरु हवाई अड्डे पर, यात्रियों ने एयरलाइन के खिलाफ टर्मिनल के अंदर विरोध प्रदर्शन किया। उन्होंने संचार की कमी और सहायता न मिलने पर सवाल उठाए। हैदराबाद हवाई अड्डे पर भी स्थिति तनावपूर्ण बनी रही, जहाँ इंडिगो की सभी उड़ानें या तो विलंबित हुईं या पुनर्निर्धारित की गईं। कुछ यात्रियों ने बताया कि वे पिछले 48 घंटों से बिना किसी ठोस अपडेट के फंसे हुए थे।
एक यात्री को हेल्प डेस्क पर रोते हुए देखा गया, जो अपनी बेटी के लिए सैनिटरी पैड नहीं खरीद पाने की समस्या बता रही थी। वह अव्यवस्था के बीच फंसे कई यात्रियों में से एक थी जो अपडेट के लिए डेस्क पर भीड़ लगाए हुए थी।
मुंबई हवाई अड्डे के टर्मिनल 2 पर, एक विदेशी यात्री, जिसकी इंडिगो की उड़ान रद्द कर दी गई थी, घंटों इंतजार करने और कर्मचारियों से कोई समाधान न मिलने पर एयरलाइन के काउंटर पर चढ़ गया। यह घटना एयरलाइन के प्रति यात्रियों के बढ़ते आक्रोश को दर्शाती है।
