लखनऊ में धर्मांतरण गैंग का पर्दाफाश, चारागाह की जमीन पर बने चर्च में पुलिस की कार्रवाई
लखनऊ के मोहनलालगंज क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां सरकारी चारागाह की जमीन पर अवैध रूप से बने चर्च में धर्मांतरण रैकेट चलाए जाने का आरोप है। रविवार को हिंदू संगठनों ने इस चर्च में धावा बोलकर पादरी चंद्रिका प्रसाद, उसकी पत्नी रामादेवी और एक अन्य व्यक्ति जितेंद्र को पकड़ा, जबकि कुछ लोग भागने में सफल रहे। पुलिस ने कुल पांच लोगों को हिरासत में लिया है।
चर्च से बरामदगी और पुलिसिया पूछताछ
आक्रोशित हिंदू संगठनों का आरोप है कि चर्च में चंगाई सभा की आड़ में लोगों को धर्मांतरण के लिए प्रेरित किया जा रहा था। मौके से बड़ी संख्या में धार्मिक पुस्तकें, ईसाई साहित्य और अन्य वस्तुएं बरामद हुई हैं। पुलिस हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ कर रही है। पादरी चंद्रिका प्रसाद और उसकी पत्नी ने खुद को हिंदू बताया, लेकिन पूछताछ में ईसाई धर्म मानने की बात स्वीकार की, हालांकि धर्मांतरण के आरोप से इनकार किया। चंद्रिका प्रसाद के पास से मिली एक डायरी पुलिस के लिए अहम सबूत मानी जा रही है, जिससे आयोजकों के नेटवर्क का खुलासा होने की उम्मीद है।
सरकारी जमीन पर अवैध निर्माण और निष्क्रियता पर सवाल
गांव की प्रधान प्रतिनिधि जीत यादव ने दावा किया कि यह चर्च सरकारी चारागाह की जमीन पर बना था और इसकी शिकायत पहले भी की गई थी, लेकिन प्रशासन की ओर से कोई कार्रवाई नहीं हुई। इस मामले में स्थानीय प्रशासन की निष्क्रियता पर भी सवाल उठ रहे हैं।
जागरूकता अभियान और सामाजिक संगठनों की भूमिका
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के कार्यकर्ता सुशील रावत ने बताया कि मोहनलालगंज, निगोहा और नगराम क्षेत्रों में ऐसे मामले समय-समय पर सामने आते रहे हैं। उन्होंने कहा कि RSS और अन्य सामाजिक संगठन गांवों में कैंप लगाकर लोगों को जागरूक कर रहे हैं और अपनी संस्कृति व धार्मिक मूल्यों के प्रति सचेत कर रहे हैं। इन संगठनों का लक्ष्य समाज में फैली कुरीतियों, अंधविश्वास और भ्रम को दूर करना है।
