कांग्रेस CWC बैठक: G RAM G कानून पर रणनीति, कर्नाटक संकट भी एजेंडे पर
कांग्रेस कार्यसमिति (CWC) की बैठक शनिवार को नई दिल्ली में हुई, जिसमें पार्टी के शीर्ष नेताओं ने अगले वर्ष के लिए चुनावी रणनीति पर मंथन किया। बैठक में कांग्रेस शासित राज्यों के मुख्यमंत्री, गांधी परिवार के सदस्य और वरिष्ठ नेता शामिल हुए। CWC की बैठक में G RAM G कानून के खिलाफ राष्ट्रव्यापी आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई, जिसे केंद्र सरकार ने हाल ही में UPA-युग के MGNREGA ग्रामीण रोजगार गारंटी कानून की जगह लागू किया है।
G RAM G कानून पर विरोध की रणनीति
कांग्रेस ने G RAM G कानून को UPA सरकार की विरासत को कमजोर करने वाला कदम बताया है। हालांकि यह नया कानून MGNREGA के तहत मिलने वाले 100 दिनों के काम को बढ़ाकर 125 दिन करता है, लेकिन इसके फंडिंग मॉडल पर विवाद है। MGNREGA में केंद्र सरकार पूरे वेतन का भुगतान करती थी, जबकि नए G RAM G कानून में राज्यों को भी भुगतान का बोझ साझा करना होगा। कांग्रेस इस मुद्दे को जमीनी स्तर पर ले जाकर केंद्र सरकार को घेरने की योजना बना रही है।
नेशनल हेराल्ड और अरावली पर चर्चा
बैठक में नेशनल हेराल्ड मामले पर भी विचार किया गया, जिसमें सोनिया गांधी और राहुल गांधी पर धन शोधन (money laundering) का आरोप है। हाल ही में एक निचली अदालत ने प्रवर्तन निदेशालय की शिकायत पर संज्ञान लेने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद एजेंसी ने दिल्ली उच्च न्यायालय का रुख किया है। इसके अलावा, अरावली रेंज की नई परिभाषा को लेकर भी चर्चा हुई। नई परिभाषा के अनुसार, केवल 100 मीटर से अधिक ऊंचाई वाली पहाड़ियों को ही ‘अरावली पहाड़ियां’ माना जाएगा, जिससे पर्यावरण कार्यकर्ताओं में चिंता है कि बाकी क्षेत्रों में अनियंत्रित खनन हो सकता है।
कर्नाटक नेतृत्व संकट और बांग्लादेश का मुद्दा
CWC की बैठक में कर्नाटक में चल रहे नेतृत्व संकट पर भी चर्चा होने की संभावना है। मुख्यमंत्री सिद्धारमैया और डीके शिवकुमार के बीच सत्ता साझा करने को लेकर विवाद है। पिछले महीने डीके शिवकुमार के वफादार विधायकों ने उन्हें मुख्यमंत्री बनाने के लिए दिल्ली में डेरा डाला था। इसके अलावा, CWC ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हालिया हमलों पर भी विचार किया, जहां पिछले सप्ताह दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई थी।
