अरुणाचल पर चीन का दावा अब ‘कोर इंटरेस्ट’ में शामिल: US रिपोर्ट का खुलासा
अमेरिका की एक हालिया पेंटागन रिपोर्ट ने खुलासा किया है कि चीन ने अरुणाचल प्रदेश पर अपने दावों को ताइवान जैसे ‘कोर इंटरेस्ट’ (मुख्य हितों) में शामिल कर लिया है। यह रिपोर्ट भारत और चीन के बीच भविष्य में एक बड़े टकराव की ओर इशारा करती है, जिसमें अरुणाचल प्रदेश एक प्रमुख फ्लैशपॉइंट बन सकता है।
रिपोर्ट के अनुसार, चीन के 2049 तक ‘महान कायाकल्प’ के लक्ष्य में अरुणाचल, ताइवान और दक्षिण चीन सागर के क्षेत्रीय दावे शामिल हैं। इस लक्ष्य के तहत चीन एक विश्व स्तरीय सेना बनाने की योजना बना रहा है। भारत लगातार कहता रहा है कि अरुणाचल प्रदेश हमेशा से उसका अभिन्न अंग था, है और रहेगा।
हाल ही में, एक भारतीय नागरिक के चीनी वीज़ा पर उसके जन्मस्थान के रूप में अरुणाचल प्रदेश का उल्लेख होने के कारण उसे यात्रा में बाधा का सामना करना पड़ा था। इसके अतिरिक्त, एक यूट्यूबर को भी चीन में हिरासत में लिया गया था क्योंकि उसने अपने वीडियो में अरुणाचल को भारत का अभिन्न अंग बताया था।
चीन अरुणाचल प्रदेश को दक्षिणी तिब्बत (Zangnan) मानता है और 1914 की मैकमोहन रेखा को स्वीकार नहीं करता है। चीन की नजर में तवांग क्षेत्र विशेष रूप से महत्वपूर्ण है, और उसने समय-समय पर इस क्षेत्र में नए नामों की सूची जारी कर भारत पर दबाव बढ़ाया है।
अमेरिकी रिपोर्ट ने यह भी चेतावनी दी है कि एलएसी पर तनाव कम करना चीन की दोहरी रणनीति का हिस्सा हो सकता है, जिसमें सामरिक शांति के साथ-साथ पाकिस्तान के माध्यम से सैन्य दबाव बनाए रखना शामिल है। चीन भारत के साथ संबंधों को स्थिर करके उसे अमेरिका के करीब जाने से रोकने का प्रयास कर रहा है।
