Budget 2024: कैंसर और शुगर के मरीजों को बड़ी राहत, 17 दवाओं पर कस्टम ड्यूटी हटी
केंद्रीय बजट 2024 में स्वास्थ्य क्षेत्र के लिए बड़ी राहत की घोषणा की गई है। वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कैंसर के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 17 दवाओं पर से कस्टम ड्यूटी हटा दी है। इन दवाओं पर पहले 5 प्रतिशत कस्टम ड्यूटी लगती थी। इसके अलावा, हीमोफीलिया, मस्कुलर डिस्ट्रॉफी और सिकल सेल जैसी सात दुर्लभ बीमारियों की आयातित दवाओं को भी ड्यूटी फ्री कर दिया गया है। यह फैसला देश भर के लाखों मरीजों के लिए बड़ी राहत लेकर आया है।
भारत में कैंसर के बढ़ते मामलों को देखते हुए यह कदम महत्वपूर्ण है। ग्लोबल बर्डन ऑफ डिजीज की 2019 की रिपोर्ट के अनुसार, अकेले उत्तर प्रदेश में कैंसर रोगियों की संख्या 6 लाख से अधिक थी, और यह आंकड़ा तेजी से बढ़ रहा है। हृदय रोगों के बाद कैंसर दुनिया भर में मौत का दूसरा सबसे बड़ा कारण है।
यूपी में 68 नए डे-केयर सेंटर
दवाओं को सस्ता करने के साथ ही केंद्र सरकार ने कैंसर के इलाज के बुनियादी ढांचे को भी मजबूत करने की योजना बनाई है। लोकसभा में दिए गए एक जवाब के अनुसार, वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए देश में 297 कैंसर डे केयर सेंटर स्थापित करने को मंजूरी दी गई है। इनमें से सर्वाधिक 68 केंद्र उत्तर प्रदेश में स्थापित किए जाएंगे। इन सेंटरों के शुरू होने से यूपी के कैंसर रोगियों को चिकित्सकीय सलाह और सिकाई जैसी सुविधाएं आसानी से मिल सकेंगी।
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वर्तमान में, उत्तर प्रदेश में लखनऊ स्थित कल्याण सिंह कैंसर सुपर स्पेशियलिटी संस्थान और वाराणसी स्थित होमी भाभा कैंसर अस्पताल प्रमुख उपचार केंद्र हैं। इसके अलावा, गोरखपुर, मेरठ, प्रयागराज और झांसी के राजकीय मेडिकल कॉलेजों में भी अत्याधुनिक रेडियोथेरेपी मशीनें (लीनियर एक्सिलेटर और कोबाल्ट यूनिट) स्थापित की गई हैं।
शुगर और दुर्लभ बीमारियों की दवाएं भी सस्ती
कैंसर के अलावा, बजट में डायबिटीज (शुगर) की दवाओं को भी सस्ता करने की घोषणा की गई है। उत्तर प्रदेश में शुगर पीड़ितों की संख्या करोड़ों में है। प्री-डायबिटीज के मरीजों की संख्या भी लगभग 5 करोड़ तक पहुंच चुकी है। इन दवाओं पर ड्यूटी हटने से मरीजों को आर्थिक राहत मिलेगी।
इसके अतिरिक्त, सरकार ने देश में 1000 क्लिनिकल ट्रायल स्पॉट बनाने का भी ऐलान किया है, जिसका लाभ उत्तर प्रदेश को भी मिलेगा। साथ ही, देश के सभी जिला अस्पतालों की तर्ज पर यूपी के 75 जिलों में जिला अस्पतालों की क्षमता 50 प्रतिशत तक बढ़ाई जाएगी।
