KGMU में बड़ा बदलाव: 40 साल से अधिक उम्र के MBBS नहीं बनेंगे जूनियर रेजीडेंट, जानें नए नियम (KGMU news)
लखनऊ के किंग जॉर्ज मेडिकल यूनिवर्सिटी (KGMU) ने नॉन-पीजी जूनियर रेजिडेंट (JR) डॉक्टरों की भर्ती के नियमों में महत्वपूर्ण बदलाव किया है। अब 40 साल से अधिक उम्र के एमबीबीएस पास उम्मीदवारों को नॉन-पीजी जूनियर रेजिडेंट के पद पर भर्ती नहीं किया जाएगा। यह फैसला भर्ती प्रक्रिया में पारदर्शिता लाने और नए एमबीबीएस डॉक्टरों को अवसर प्रदान करने के उद्देश्य से लिया गया है।
नए नियमों के तहत, KGMU में अब नॉन-पीजी जेआर की भर्ती दिल्ली एम्स के नियमों के आधार पर की जाएगी। पहले KGMU में नॉन-पीजी जेआर के लिए कोई निश्चित आयु सीमा या कार्यकाल की अवधि नहीं थी। नतीजतन, कई जूनियर रेजिडेंट 5 से 8 साल तक एक ही पद पर काम कर रहे थे, जिससे नए स्नातकों को मौका नहीं मिल पा रहा था।
नए नियम के अनुसार, नॉन-पीजी जेआर की भर्ती केवल 18 महीने के लिए की जाएगी। इसके अलावा, एमबीबीएस इंटर्नशिप पूरी करने की तारीख से लेकर 5 साल के भीतर वाले उम्मीदवारों को ही इस पद के लिए पात्र माना जाएगा। KGMU प्रशासन ने 17 जनवरी को नए नियमों के तहत पहली बार साक्षात्कार आयोजित करने की घोषणा की है।
यह बदलाव ऐसे समय में आया है जब KGMU और अन्य संस्थानों में धर्मांतरण गिरोह से जुड़े मामलों की जांच चल रही है। जांच एजेंसियों ने आगरा की एक महिला डॉक्टर के धर्मांतरण मामले में काजी जाहिद की तलाश तेज कर दी है। जाहिद पर महिला का धर्मांतरण कराकर निकाह कराने का आरोप है। जांच में यह भी पता चला है कि धर्मांतरण में शामिल रमीज के खाते में आए लाखों रुपये के तार केरल से गिरफ्तार किए गए रजा से जुड़े हो सकते हैं, जो धर्मांतरण गिरोहों को फंडिंग करता था।
