यूपी में चिराग पासवान की पार्टी का बड़ा ऐलान, 2027 विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर लड़ेगी LJP (Ram Vilas)
बिहार की राजनीति में अपनी मजबूत पकड़ बनाने के बाद चिराग पासवान अब उत्तर प्रदेश के दंगल में उतरने की तैयारी कर रहे हैं। उनकी पार्टी लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) ने आगामी 2027 उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव में सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस घोषणा ने यूपी की सियासत में हलचल पैदा कर दी है, खासकर दलित और युवा वोट बैंक को लेकर।
चिराग पासवान की पार्टी का यह कदम राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार करने की रणनीति का हिस्सा है। लोकसभा चुनाव में 100% स्ट्राइक रेट हासिल करने के बाद पार्टी अब यूपी में अपनी पैठ मजबूत करना चाहती है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष राजीव पासवान ने स्पष्ट किया कि केंद्र में भले ही उनका गठबंधन भाजपा से है, लेकिन प्रदेश स्तर पर फिलहाल कोई गठबंधन नहीं है। पार्टी ‘यूपी फर्स्ट’ और ‘यूपी वाले फर्स्ट’ के मिशन के साथ सभी सीटों पर चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही है।
दलित वोट बैंक पर नजर
उत्तर प्रदेश में चिराग पासवान की एंट्री ऐसे समय में हो रही है जब बहुजन समाज पार्टी (BSP) का जनाधार कमजोर हुआ है और आजाद समाज पार्टी (चंद्रशेखर आजाद) एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है। चिराग पासवान की नजर विशेष रूप से उन सीटों पर है जहां ‘पासवान’ और अन्य दलित उपजातियों की आबादी अच्छी खासी है। चिराग का युवा चेहरा और उनका भाषण देने का अंदाज युवाओं को आकर्षित करता है, जिससे वह दलित वोट बैंक में सेंध लगाने की उम्मीद कर रहे हैं।
पार्टी सूत्रों के मुताबिक, चिराग पासवान का मानना है कि उनके पिता स्वर्गीय रामविलास पासवान का उत्तर प्रदेश में भी एक बड़ा आधार रहा है। अब उस जनाधार को फिर से संगठित कर पार्टी को राज्य में तीसरे विकल्प के तौर पर खड़ा करने की योजना है।
एनडीए गठबंधन में तनाव के संकेत
चिराग पासवान वर्तमान में केंद्र की एनडीए सरकार में मंत्री हैं और भाजपा के साथ उनके संबंध बेहद मजबूत हैं। हालांकि, यूपी चुनाव को लेकर ‘सभी 403 सीटों’ पर लड़ने का बयान भाजपा के लिए भी एक संकेत माना जा रहा है। कहा जा रहा है कि यदि भाजपा के साथ सम्मानजनक सीटों पर समझौता होता है, तो पार्टी गठबंधन में चुनाव लड़ेगी, अन्यथा अकेले मैदान में उतरने से भी पीछे नहीं हटेगी।
पार्टी संगठन की मजबूती दिखाने के लिए एलजेपी (आर) के प्रदेश अध्यक्ष और अन्य पदाधिकारियों ने जिला स्तर पर संगठन को सक्रिय कर दिया है। पार्टी आने वाले महीनों में यूपी के प्रमुख शहरों में बड़ी रैलियां और ‘बिहार फर्स्ट, बिहारी फर्स्ट’ की तर्ज पर ‘यूपी फर्स्ट’ अभियान शुरू करने की योजना बना रही है।
