अमेरिका में 2009 के फोर्ट हुड गोलीबारी के दोषी को सार्वजनिक मृत्युदंड देने की घोषणा | international news
अमेरिका में साल 2009 के दौरान फोर्ट हुड सैन्य ठिकाने पर हुए खूनी संघर्ष के मामले में प्रशासन ने एक कड़ा कदम उठाने का निर्णय लिया है। युद्ध विभाग के सचिव पीट हेगसेथ ने स्पष्ट किया है कि इस वीभत्स घटना के दोषी पूर्व आर्मी मेजर निदाल मलिक हसन को सबके सामने फोर्ट हुड बेस पर ही मौत की सजा दी जाएगी। यह कदम समाज में न्याय और ऐसे गंभीर अपराधों के परिणामों के प्रति जागरूकता लाने के उद्देश्य से उठाया जा रहा है।
तय योजना के मुताबिक, सजा की यह प्रक्रिया ठीक उसी समय यानी दोपहर 1 बजे पूरी की जाएगी, जिस समय हमलावर ने इस घटना को अंजाम दिया था। राइफल से लैस सैनिक इस फायरिंग स्क्वाड का हिस्सा बनेंगे। इस ऐतिहासिक और कड़े फैसले से प्रशासनिक स्तर पर यह संदेश देने का प्रयास है कि देश के साथ गद्दारी और सैनिकों पर हमला करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
यह घटना 5 नवंबर 2009 की है, जब सैन्य बेस के भीतर हुई अंधाधुंध गोलीबारी में 13 लोगों की मौत हो गई थी और 32 अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए थे। अमेरिकी सैन्य इतिहास की सबसे घातक घटनाओं में गिनी जाने वाली इस त्रासदी के बाद अदालत ने दोषी को 2013 में मौत की सजा सुनाई थी। अब राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की औपचारिक मंजूरी के बाद, 3 दिसंबर 2026 को इस सजा को अमलीजामा पहनाने की तैयारी पूरी कर ली गई है।
