मौसम बदलने पर होने वाली एलर्जी का सीधा कनेक्शन है याददाश्त से, वैज्ञानिकों ने किया बड़ा खुलासा | health news
मौसम बदलने के साथ ही छींक आना, नाक बहना और गले में खराश आम बात हो जाती है। अब तक यही माना जाता रहा है कि यह सब हमारे इम्यून सिस्टम के अत्यधिक रिएक्शन की वजह से होता है। लेकिन हाल ही में सामने आए एक नए वैज्ञानिक खुलासे ने इस पूरी धारणा को बदल दिया है। शोधकर्ताओं के अनुसार, इस समस्या का सीधा संबंध हमारी सेंसरी नर्व्स की याददाश्त से जुड़ा हुआ है।
शोध के मुताबिक, जब हवा में मौजूद एलर्जी पैदा करने वाले कण शरीर में प्रवेश करते हैं, तो वे सबसे पहले नर्व सेल्स से टकराते हैं। नाक और सांस की नली में फैला सेंसरी न्यूरॉन्स का यह जाल खतरे के सिग्नल को अपनी याददाश्त में दर्ज कर लेता है। यही कारण है कि एलर्जी बार-बार उभरती है और इंसान को परेशान करती है। सामान्य दवाएं और स्प्रे सिर्फ लक्षणों को कुछ समय के लिए दबाते हैं, लेकिन जड़ से खत्म नहीं करते।
वैज्ञानिकों का मानना है कि यदि इन नसों की याददाश्त को रीसेट करने का तरीका खोज लिया जाए, तो इंसान हमेशा के लिए एलर्जी से मुक्त हो सकता है। चूहों पर किए गए परीक्षणों में यह बात सामने आई है कि समय के साथ यह मेमोरी कमजोर होती है। इस दिशा में आगे हो रहे अनुसंधान से करोड़ों एलर्जी और अस्थमा के मरीजों को हमेशा के लिए राहत मिलने की उम्मीद जाग गई है।
