दिल्ली हाईकोर्ट ने CJP नेताओं की जमानत याचिका पर लगाई फटकार | national news
दिल्ली हाईकोर्ट ने गुरुवार को जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के दौरान नियमों का उल्लंघन करने वाले CJP (कम्पेन फॉर जुडिशियल अकाउंटेबिलिटी एंड रिफॉर्म्स) के नेताओं सौरव दास और आशुतोष रांका की जमानत और कानूनी कार्रवाई से जुड़ी याचिका पर सुनवाई की। इस दौरान अदालत ने याचिकाकर्ताओं के आचरण और कानूनी प्रक्रिया का पालन न करने पर तीखे सवाल उठाए।
अदालत ने सुनवाई के दौरान सख्त लहजे में पूछा कि जब जंतर-मंतर को प्रदर्शन के लिए पहले ही गैर-अधिसूचित (डिनोटिफाई) किया जा चुका था, तो वे वहां क्यों गए। इसके अलावा, स्पेशल एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (SEM) के आदेश के खिलाफ जिला मजिस्ट्रेट के समक्ष पुनरीक्षण याचिका दायर करने के बजाय सीधे उच्च न्यायालय आने पर भी आपत्ति जताई गई।
न्यायालय ने प्रदर्शन के दौरान बैरिकेड तोड़ने और कानून व्यवस्था की स्थिति पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि पुलिस अनुमति केवल रोकने के लिए नहीं होती, बल्कि यह सुनिश्चित करने के लिए होती है कि प्रदर्शन का दुरुपयोग असामाजिक तत्व न कर सकें। अदालत की इस सख्त टिप्पणी के बाद याचिकाकर्ताओं के वकीलों ने याचिका वापस ले ली, जिसके बाद उन्हें निचली अदालत या सक्षम प्राधिकारी के समक्ष अपनी बात रखने की छूट दी गई है।
