Agra news: सेंट जार्जेज स्कूल में करोड़ों का घोटाला, पूर्व प्रिंसिपल और बेटे पर फीस गबन का आरोप
आगरा के सेंट जार्जेज स्कूल में पूर्व प्रिंसिपल जे.एस. जरमाया और उनके बेटे अक्षय जरमाया पर स्कूल की फीस से करोड़ों रुपये के गबन का आरोप लगा है। यह मामला तब सामने आया जब एक आरटीआई कार्यकर्ता ने एडीजी कानून व्यवस्था अमिताभ यश से शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने गोपनीय जांच शुरू कर दी है, जिसमें शुरुआती तौर पर फीस के दुरुपयोग और गबन के तथ्य सामने आए हैं।
जे.एस. जरमाया 1992 में सेंट जार्जेज स्कूल यूनिट वन के प्रिंसिपल बने थे। आरोप है कि उन्होंने पद का दुरुपयोग करते हुए अपने बेटे अक्षय जरमाया के कंप्यूटर संस्थान ‘राजशेखर कंप्यूट्रोनिक्स’ को स्कूल का ठेका दिया। यह संस्थान स्कूल के पते पर ही पंजीकृत था। 2006 से 2019 के बीच स्कूल के खाते से इस फर्म को करोड़ों रुपये ट्रांसफर किए गए।
इसके अलावा, जरमाया परिवार पर स्कूल के फंड का इस्तेमाल एक नया स्कूल बनाने में करने का भी आरोप है। 2004 में अकबरपुर में जमीन खरीदी गई और 2011 में ‘इंडियन हेरिटेज स्कूल सोसायटी’ पंजीकृत कराई गई। इस सोसायटी में जे.एस. जरमाया अध्यक्ष, बेटे अक्षय सचिव और पत्नी किरन जरमाया उपाध्यक्ष बनीं। आरोप है कि सेंट जार्जेज स्कूल की फीस से प्राप्त धनराशि को राजशेखर कंप्यूट्रोनिक्स के माध्यम से इंडियन हेरिटेज स्कूल के खाते में ट्रांसफर किया गया।
यह भी आरोप है कि करोड़ों रुपये की धनराशि ट्रांसफर करने के दो वर्ष बाद 2022 में मघटई में जमीन खरीदी गई। इस खरीद में जिस पैन कार्ड का इस्तेमाल किया गया, वह एक ऐसी संस्था के नाम पर था जो 1988 में बंद हो चुकी थी। शिकायतकर्ता के अनुसार, स्कूल की फीस को किसी अन्य ट्रस्ट या सोसायटी में ट्रांसफर करना सुप्रीम कोर्ट के 2004 के आदेश का उल्लंघन है।
मामले की जांच एसीपी हरीपर्वत अक्षय महाडिक कर रहे हैं। सूत्रों के अनुसार, जांच में स्कूल फीस के दुरुपयोग के तथ्य सामने आए हैं। इस संबंध में जब वर्तमान प्रिंसिपल अक्षय जरमाया से संपर्क किया गया तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
