agra news: एसएन मेडिकल कॉलेज में मरीजों की भीड़, निजी अस्पतालों से क्यों टूट रहा भरोसा?
आगरा के एसएन मेडिकल कॉलेज की सुपरस्पेशियलिटी विंग में इन दिनों मरीजों की भारी भीड़ देखने को मिल रही है। आयुष्मान भारत और पंडित दीनदयाल उपाध्याय राज्य कर्मचारी कैशलेस चिकित्सा योजना के तहत इलाज कराने वाले लाभार्थी निजी अस्पतालों की जगह एसएन मेडिकल कॉलेज को प्राथमिकता दे रहे हैं।
इन दोनों योजनाओं के तहत 78 निजी अस्पताल अनुबंधित हैं। हालांकि, मरीजों का कहना है कि निजी अस्पतालों में कैशलेस इलाज की प्रक्रिया जटिल है। यहां जांच और दवाइयों के लिए पहले पैसे जमा कराए जाते हैं, जिससे आए दिन विवाद होता है। इस प्रक्रिया में काफी समय भी लगता है।
इसके विपरीत, एसएन मेडिकल कॉलेज की सुपरस्पेशियलिटी विंग में हृदय रोग, गुर्दा रोग, कैंसर और न्यूरोसर्जरी जैसी गंभीर बीमारियों का इलाज नि:शुल्क किया जा रहा है। पिछले साल जनवरी में यहां एंजियोग्राफी और एंजियोप्लास्टी की सुविधा शुरू की गई थी। अब 80 प्रतिशत से अधिक मरीजों का इलाज इन योजनाओं या असाध्य रोग निधि से नि:शुल्क हो रहा है।
कॉलेज प्रशासन के अनुसार, मरीज के भर्ती होते ही कार्ड का सत्यापन किया जाता है और तुरंत नि:शुल्क इलाज शुरू कर दिया जाता है। एसएन की एसएस विंग में 208 बेड हैं, जो पूरी तरह भरे हुए हैं। यह दिखाता है कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए सरकारी अस्पताल पर लोगों का भरोसा बढ़ा है।
