आगरा: ग्राम निधि से लाखों की लूट, हैंडपंप री-बोर और सफाई के नाम पर गजब घोटाला
आगरा जिले की सहाई ग्राम पंचायत में ग्राम निधि के दुरुपयोग का एक बड़ा मामला सामने आया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि हैंडपंप री-बोरिंग और सफाई के नाम पर लाखों रुपये का गबन किया गया है। जहां एक हैंडपंप को री-बोर कराने में आमतौर पर 40 से 45 हजार रुपये लगते हैं, वहीं पंचायत की ओर से लगभग तीन गुना अधिक राशि का भुगतान किया गया है।
लाखों का भुगतान, काम नदारद
आरोप है कि केवल सफाई के नाम पर ही लाखों रुपये निकाल लिए गए हैं, जबकि हकीकत में नालियां जाम हैं और कोई काम नहीं हुआ है। ग्रामीणों ने ग्राम निधि से निकाले गए पैसों की उच्च स्तरीय जांच की मांग की है। 22 अप्रैल को श्रीबांके बिहारी कांट्रेक्टर के नाम पर एक हैंडपंप री-बोर के लिए 1 लाख 23 हजार 781 रुपये का भुगतान किया गया। इसी दिन जल निकासी, ट्रैक्टर भाड़ा, मिट्टी भराव और हैंडपंप मरम्मत के नाम पर भी अलग-अलग व्यक्तियों को हजारों रुपये का भुगतान किया गया। जेसीबी से सफाई के नाम पर भी दो बार भुगतान हुआ है।
अधिकारियों ने जताई अनभिज्ञता
ग्रामीणों का कहना है कि यह सरासर लूट है और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। वहीं, माइनर इरीगेशन के जेई सतेंद्र पाल सिंह ने बताया कि उनके दो साल के कार्यकाल में किसी भी हैंडपंप री-बोरिंग के लिए 45 हजार रुपये से अधिक की कोई मेजरमेंट बुक (एमबी) नहीं बनाई गई है। उन्होंने सहाई गांव में इतनी बड़ी धनराशि के भुगतान की किसी भी एमबी से इनकार किया है। इस मामले ने ग्राम निधि के दुरुपयोग की ओर इशारा किया है, जिससे आम जनता को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
