कानपुर में चने में मिलावट, Auramine chemical से चमका रहे थे कारोबारी
कानपुर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने शहरवासियों की सेहत से खिलवाड़ कर रहे कारोबारियों पर शिकंजा कसा है। विभाग ने चने में मिलावट का बड़ा मामला पकड़ा है, जिसमें पता चला है कि चने को चमकीला और आकर्षक बनाने के लिए खतरनाक ऑरामाइन केमिकल का इस्तेमाल किया जा रहा था। जिले में पहली बार चने में इस केमिकल की पुष्टि हुई है। विभाग ने बैजनाथ ट्रेडर्स समेत तीन फर्मों के लाइसेंस निलंबित कर दिए हैं और उत्पाद की बिक्री पर रोक लगा दी है।
पिछले साल दिसंबर में खाद्य सुरक्षा विभाग ने मिलावटी चने को लेकर जिले में बड़ी छापेमारी की थी। बिनगवां स्थित बाबा बैजनाथ ट्रेडर्स, नवीन नगर काकादेव स्थित एसके लॉजिस्टिक और नौबस्ता स्थित एक स्टोर से चने के नौ नमूने लिए गए थे। सभी नमूनों को जांच के लिए हैदराबाद की प्रयोगशाला भेजा गया था। वहां से आई रिपोर्ट में चार नमूनों में हानिकारक ऑरामाइन सिंथेटिक केमिकल पाया गया, जिसके बाद सभी सैंपल को अनसेफ घोषित किया गया।
ऑरामाइन मुख्य रूप से एक सिंथेटिक केमिकल है, जिसका उपयोग रंग (डाई) के रूप में किया जाता है। यह एक डायरिलमीथेन डाई है, जो पीले सुईनुमा क्रिस्टल के रूप में होती है और मुख्य रूप से जीव विज्ञान में फ्लोरोसेंट स्टेन, कपड़ा उद्योग और एंटीसेप्टिक के रूप में इस्तेमाल होती है। यह एक अत्यंत खतरनाक और विषैला रसायन है। इसके सेवन से लिवर, किडनी को नुकसान और स्पलीन (प्लीहा) में सूजन का खतरा रहता है। डॉक्टरों के अनुसार, इसके नियमित सेवन से कैंसर होने की आशंका भी बढ़ जाती है।
सहायक आयुक्त खाद्य द्वितीय संजय प्रताप सिंह ने बताया कि चने के चार सैंपल अनसेफ पाए गए हैं। संबंधित फर्मों को नोटिस जारी कर लाइसेंस निलंबित कर दिया गया है। फिलहाल उत्पाद की बिक्री को रोका गया है। फर्मों ने इस फैसले के खिलाफ अपील दायर की है।
