आगरा में सजेगा 120 फीट ऊंचा अनूठा रावण का पुतला, तलवारबाजी और पलक झपकाने की होगी खूबी | agra news
आगामी विजयदशमी पर्व को लेकर ऐतिहासिक नगरी आगरा में तैयारियां अपने चरम पर पहुंच चुकी हैं। इस बार शहर के बिजलीघर स्थित रामलीला मैदान में तैयार किया जा रहा 120 फीट ऊंचा रावण का पुतला अपनी आधुनिक और अनोखी विशेषताओं के कारण खास चर्चा का विषय बना हुआ है। इस विशालकाय पुतले की सबसे बड़ी खूबी यह होगी कि यह रावण एक हाथ से तलवारबाजी करेगा और दूसरे हाथ से ढाल के जरिए अपना बचाव भी करता नजर आएगा। इसके अलावा, पुतले की आंखें झपकेंगी और हाथ भी हिलेंगे, जो दर्शकों के लिए एक अद्भुत दृश्य होगा।
इस भव्य पुतले को तैयार करने में मथुरा के कुशल कारीगर दिनरात जुटे हुए हैं। पिछले करीब 33 दिनों से चल रहे निर्माण कार्य को अंतिम रूप दिया जा रहा है। इस बार रावण के स्वरूप में भी नया प्रयोग किया गया है, जिसमें पहली बार इसे लाल, काले और केसरिया रंगों से सजाया जा रहा है। पुतले की आंखें, भौंहें और मूंछें काले रंग की होंगी, जबकि होंठ लाल और पूरा चेहरा केसरिया रंग में रंगा गया है। निर्माण कार्य में बांस, धागे, कागज, रद्दी और लेई का बड़े पैमाने पर इस्तेमाल किया जा रहा है, जिसमें केवल कागज ही डेढ़ कुंतल से अधिक लग रहा है।
पुतले में शानदार आतिशबाजी का प्रदर्शन सुनिश्चित करने के लिए पीलीभीत से विशेष कारीगरों को बुलाया गया है। कारीगरों की मानें तो उत्तर प्रदेश में इतने बड़े पैमाने पर तैयार होने वाला यह अपने आप में एक अनूठा पुतला है। रावण के साथ-साथ मेघनाथ, कुंभकरण, ताड़का, जटायु और हिरन के पुतलों के अलावा हनुमान जी की गदा भी तैयार की गई है। इस तरह के भव्य आयोजनों से स्थानीय स्तर पर उत्सव का माहौल और अधिक गहरा जाता है, जिससे सांस्कृतिक परंपराओं को भी नया बल मिलता है।
स्थानीय बाजारों में भी पांच फीट से लेकर 20 फीट तक के छोटे-बड़े रावण के पुतले बिकने लगे हैं, जिनकी कीमतें पंद्रह सौ रुपये से दस हजार रुपये तक हैं। घटिया आजम खां और नामनेर जैसे प्रमुख बाजारों में कारीगरों की कलाकारी देखने लायक है। इन पुतलों की मुख्य बिक्री और शहरभर में आपूर्ति का दौर शुरू हो चुका है, जिससे कारीगरों के चेहरों पर भी रौनक लौट आई है।
