लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं: महिला आरक्षण पर पीएम मोदी पर अखिलेश का तीखा वार
समाजवादी पार्टी (सपा) के अध्यक्ष अखिलेश यादव ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वतंत्रता दिवस पर लाल किले से दिए संबोधन पर तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा, ‘लाल किला झूठ बोलने की जगह नहीं है।’ यादव का यह बयान प्रधानमंत्री द्वारा महिला आरक्षण विधेयक के उल्लेख के जवाब में आया है। उन्होंने जोर देकर कहा कि महिला आरक्षण कानून 2023 में ही पारित हो चुका है और सरकार को इसे 2027 के उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनावों में लागू करना चाहिए। यह मांग उन महिलाओं को चुनाव लड़ने का अवसर प्रदान करेगी जो वर्तमान में अवसर की प्रतीक्षा कर रही हैं।
सपा प्रमुख ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर विभाजन को ‘जश्न मनाने का विषय’ बनाने का भी आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा और उसके सहयोगी विभाजन विभीषिका स्मृति दिवस मनाते हैं, क्योंकि उनके लिए यह एक उत्सव का अवसर है। यादव ने इस बात पर भी प्रकाश डाला कि देश संविधान से चलता है और लोकतंत्र को मजबूत करने के लिए संविधान को सशक्त बनाना आवश्यक है। उन्होंने उन लोगों पर भी निशाना साधा जो कभी तिरंगे का सम्मान नहीं करते थे, लेकिन अब तिरंगा यात्राएं निकाल रहे हैं।
अखिलेश यादव ने प्रति व्यक्ति आय और राशन वितरण जैसे मुद्दों पर भी सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि एक ओर प्रति व्यक्ति आय की बात की जाती है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों परिवारों को राशन देना पड़ रहा है, जो शायद दुनिया में किसी अन्य देश में नहीं होता। उन्होंने मिलावट, पेट्रोल-डीजल की बढ़ती कीमतों और विदेश नीति के कारण अर्थव्यवस्था पर पड़ रहे प्रभाव पर भी चिंता व्यक्त की। यादव ने शिक्षा व्यवस्था के कमजोर होने का दावा करते हुए कहा कि भारत में विकसित देशों की तरह शिक्षा और स्वास्थ्य सुविधाओं को प्राथमिकता नहीं दी जा रही है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि उत्तर प्रदेश में सबसे अधिक प्राथमिक विद्यालय बंद हुए हैं।
