लखनऊ में नशे के बढ़ते प्रचलन से ब्रेन पैरालिसिस का खतरा, पुलिस अधिकारी ने दी जानकारी
लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में नशा मुक्त जीवन विषय पर एक महत्वपूर्ण व्याख्यान का आयोजन किया गया। विश्वविद्यालय के कलामण्डपम प्रेक्षागृह में आयोजित इस सत्र में लखनऊ की पुलिस उपाधीक्षक, एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स डॉ. बीनू सिंह मुख्य अतिथि के तौर पर मौजूद रहीं। डॉ. बीनू सिंह ने एक विस्तृत प्रस्तुति (PPT) के माध्यम से नशे के भयानक दुष्प्रभावों को समझाया। उन्होंने बताया कि नशा केवल व्यक्ति के शारीरिक स्वास्थ्य को ही नहीं, बल्कि उसके मानसिक, सामाजिक और सांस्कृतिक जीवन को भी बुरी तरह प्रभावित करता है।
उन्होंने विशेष रूप से लिवर सिरोसिस, फैटी लिवर और धूम्रपान से होने वाली गंभीर समस्याओं पर जोर दिया। डॉ. सिंह ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि आजकल युवाओं और कॉलेज विद्यार्थियों के बीच रेव पार्टियों और मादक पदार्थों के बढ़ते चलन के कारण ब्रेन पैरालिसिस जैसी जानलेवा बीमारियां सामने आ रही हैं। यह स्थिति समाज के लिए एक गंभीर चिंता का विषय है।
नशे की पहचान और रोकथाम पर बोलते हुए, डॉ. बीनू सिंह ने विद्यार्थियों को नशे के शुरुआती लक्षणों को पहचानने के तरीके बताए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यदि समय रहते इन लक्षणों को पहचान लिया जाए, तो व्यक्ति को इस बुरी लत से बचाया जा सकता है। उन्होंने नशा मुक्ति के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 1800110031 की भी जानकारी दी, जिस पर नशे से संबंधित शिकायतें दर्ज कराई जा सकती हैं या सहायता प्राप्त की जा सकती है।
विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने इस पहल का स्वागत करते हुए कहा कि नशा मुक्ति पखवाड़ा समाज को स्वस्थ और जागरूक बनाने की दिशा में एक अत्यंत महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने विद्यार्थियों से स्वयं नशे से दूर रहने और समाज में इसके खिलाफ जागरूकता फैलाने में सक्रिय भूमिका निभाने की अपील की।
