दहेज हत्या केस: 17 साल बाद पति और सास को मिली राहत, बरी हुए आरोपी
17 साल पुराने दहेज हत्या के एक सनसनीखेज मामले में पति और सास को बड़ी राहत मिली है। अपर जिला जज विकास गोयल की अदालत ने साक्ष्य के अभाव के चलते आरोपी पति विकास शर्मा और सास प्रकाशी देवी को बरी करने का आदेश दिया है। इस फैसले से जहां आरोपियों के परिवार में खुशी की लहर है, वहीं पीड़ित पक्ष को न्याय मिलने की उम्मीदों को झटका लगा है।
यह मामला 2009 का है जब वादी रमन बाबू शर्मा ने अपनी बेटी निधि शर्मा की शादी विकास शर्मा के साथ की थी। शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल पक्ष पर अतिरिक्त दहेज की मांग को लेकर निधि को प्रताड़ित करने का आरोप लगा। वादी के अनुसार, 10 लाख रुपये अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर 10 मार्च 2012 को निधि की हत्या कर दी गई थी। इस मामले में विचारण के दौरान ससुर मुन्नालाल की मृत्यु हो गई थी, जिसके बाद कोर्ट ने उनके खिलाफ कार्रवाई समाप्त कर दी थी।
अभियोजन पक्ष की ओर से कुल आठ गवाह पेश किए गए थे, जिनमें वादी, उसके पुत्र और पत्नी भी शामिल थे। हालांकि, अदालत में पर्याप्त सबूत पेश नहीं किए जा सके, जिसके चलते पति और सास को बरी कर दिया गया। इस तरह के मामले समाज में महिलाओं की स्थिति और दहेज प्रथा के खिलाफ लड़ाई की गंभीरता को रेखांकित करते हैं।
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