गंगा में उफान: नरौरा से छोड़े गए पानी से जलस्तर बढ़ा, घाटों पर बढ़ी सतर्कता
जनपद में बारिश की कमी के बावजूद गंगा नदी का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है। नरौरा से करीब 67,419 क्यूसेक पानी छोड़े जाने के बाद कछला ब्रिज पर नदी का जलस्तर 161.91 मीटर तक पहुंच गया है। इस अप्रत्याशित वृद्धि के कारण प्रशासन ने गंगा के विभिन्न घाटों पर विशेष सतर्कता बरतनी शुरू कर दी है।
गंगा के बढ़ते जलस्तर का असर सोरों के लहरा घाट से शाम से ही महसूस किया जाने लगा है, जिससे नदी की प्रवाह गति में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। हालांकि, पिछले तीन दिनों से कासगंज जनपद में बारिश नहीं हुई है, फिर भी नदी का जलस्तर चिंताजनक रूप से बढ़ रहा है।
श्रद्धालुओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए, प्रशासन ने गंगा घाटों पर बेरिकेडिंग की व्यवस्था की है। सोरों के लहरा और कछला घाटों पर स्थानीय दुकानदार भी श्रद्धालुओं को बेरिकेडिंग के भीतर ही स्नान करने के लिए लगातार जागरूक कर रहे हैं। यह कदम पहाड़ों पर हो रही बारिश के कारण हरिद्वार, बिजनौर और नरौरा बैराज पर बढ़े पानी के दबाव का परिणाम है। रविवार को बिजनौर से 49 हजार और हरिद्वार से 66 हजार क्यूसेक से अधिक पानी गंगा में छोड़ा गया था।
इस स्थिति का सीधा असर स्थानीय निवासियों और तीर्थयात्रियों पर पड़ रहा है, जिन्हें जलस्तर बढ़ने के कारण अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है।
