महिला आरक्षण बिल पर विपक्ष के विरोध के बाद PM Modi Varanasi में महिलाओं से करेंगे संवाद
संसद में महिला आरक्षण बिल गिरने के बाद भाजपा अब इसे राजनीतिक मुद्दा बनाने की दिशा में आगे बढ़ रही है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी 28 अप्रैल को वाराणसी में महिलाओं की एक सभा को संबोधित करेंगे। यह कार्यक्रम पूरी तरह से महिला सशक्तिकरण को समर्पित होगा, जिसकी पूरी कमान महिलाओं के हाथों में होगी।
भाजपा प्रदेश कार्यालय पर रविवार को प्रदेश महामंत्री (संगठन) धर्मपाल सिंह ने इस कार्यक्रम की तैयारियों के संबंध में बैठक की। बैठक में महिला मोर्चा की जिला अध्यक्ष, मंडल अध्यक्ष, भाजपा महानगर अध्यक्ष, जिला अध्यक्ष, जनप्रतिनिधि व वरिष्ठ कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम की रूपरेखा, व्यापक जनसंपर्क अभियान, बूथ स्तर तक की जिम्मेदारियों व व्यवस्थाओं पर विस्तार से चर्चा हुई।
भाजपा का कहना है कि प्रधानमंत्री ने केंद्र सरकार की योजनाओं और नीतियों को महिलाओं की आर्थिक समृद्धि व सामाजिक उत्थान के लिए समर्पित किया है। नारी शक्ति वंदन अधिनियम के माध्यम से महिलाओं की राजनीतिक भागीदारी को सुनिश्चित करने का संकल्प भी संसद में प्रस्तुत किया गया था। पार्टी का आरोप है कि सपा और कांग्रेस सहित विभिन्न विपक्षी दलों ने अपने महिला विरोधी एजेंडे के कारण इस संकल्प को साकार नहीं होने दिया।
आरक्षण बिल गिरने के विरोध में भाजपा 21 अप्रैल को एक बड़ा मार्च निकालने की तैयारी कर रही है। इसमें मुख्यमंत्री के अलावा दोनों उप मुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य व ब्रजेश पाठक, प्रदेश भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी, संगठन के अन्य पदाधिकारी शामिल होंगे। यह मार्च मुख्यमंत्री आवास से शुरू होकर विधानसभा तक जाएगा।
गौरतलब है कि बीते दिनों लोकसभा और राज्य विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण 2029 के लोकसभा चुनाव से लागू करने से संबंधित संविधान संशोधन विधेयक लोकसभा में गिर गया था। मत विभाजन के दौरान इसके पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े थे। विपक्ष के विरोध के कारण संविधान संशोधन विधेयक पारित कराने के लिए जरूरी दो तिहाई का आंकड़ा हासिल नहीं हो सका था।
