UP CM विवेकाधीन कोष से 860 करोड़ की सहायता, Yogi Adityanath सरकार का बड़ा कदम
उत्तर प्रदेश में मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष (CM Discretionary Fund) ने पिछले एक साल में 50,000 से अधिक जरूरतमंदों के लिए जीवन रक्षक साबित हुआ है। अप्रैल 2025 से मार्च 2026 के बीच, इस कोष से लगभग 860 करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता स्वीकृत की गई है। यह राशि गंभीर बीमारियों के इलाज, दुर्घटनाओं और आकस्मिक संकटों से जूझ रहे परिवारों को प्रदान की गई है।
भेदभाव रहित वितरण नीति
इस योजना की सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि सहायता वितरण में किसी भी प्रकार का राजनीतिक भेदभाव नहीं किया गया। सरकार के आंकड़ों के अनुसार, सत्ता पक्ष (BJP) के साथ-साथ समाजवादी पार्टी (SP) और कांग्रेस के जनप्रतिनिधियों द्वारा भेजे गए अनुरोधों पर भी समान संवेदनशीलता से कार्रवाई की गई। सहायता का वितरण कोटा सिस्टम के बजाय वास्तविक जरूरत के आधार पर किया गया। अयोध्या, अमेठी, बाराबंकी, आजमगढ़, बलिया और फिरोजाबाद जैसे जिलों में कुछ बड़े मामलों के कारण सर्वाधिक धनराशि स्वीकृत की गई।
कैसे मिलती है सहायता?
मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से सहायता मुख्य रूप से गंभीर बीमारियों जैसे कैंसर, हृदय रोग और किडनी प्रत्यारोपण के लिए दी जाती है। इसके अलावा, दुर्घटना या अन्य आकस्मिक संकटों में भी मदद मिलती है। सहायता प्राप्त करने के लिए आवेदक को अपने स्थानीय विधायक या सांसद के माध्यम से आवेदन करना होता है, या सीधे मुख्यमंत्री कार्यालय में प्रार्थना पत्र देना होता है। आवेदन के साथ मेडिकल रिपोर्ट और आय प्रमाण जैसे आवश्यक दस्तावेज जमा करने होते हैं, जिसके बाद जरूरत के अनुसार राशि स्वीकृत की जाती है। यह योजना Yogi Adityanath सरकार की मानवीय पहल को दर्शाती है।
