सीएम योगी आदित्यनाथ ने ‘माफिया’ की तुलना सालार मसूद से की, कहा- महाराजा सुहेलदेव ने उसे जहन्नुम भेजा था
लखनऊ में आयोजित भारतेंदु नाट्य अकादमी के 50 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने महाराजा सुहेलदेव और सालार मसूद के इतिहास का जिक्र किया। सीएम योगी ने कहा कि जहां सालार मसूद को मारा गया था, वहां उसके नाम से मेला लगता था, लेकिन महाराजा सुहेलदेव का नाम कोई नहीं लेता था। भारतीय समाज ने उन्हें भुला दिया था। उन्होंने कहा कि एक हजार साल बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने उन्हें सम्मान दिलाया। हमारी सरकार ने वहां उनके नाम पर आयोजन शुरू किए। आज सालार मसूद के मेले से ज्यादा भीड़ वहां जुटती है।
सीएम योगी ने कहा कि सालार मसूद माफिया से कम नहीं था। अभी जो माफिया मिट्टी में मिले हैं, वो उसी विचारधारा से आते हैं। उसने हमारे मंदिरों को तोड़ा। सिर्फ सोमनाथ मंदिर ही नहीं बल्कि अयोध्या की रामजन्म भूमि को भी क्षतिग्रस्त किया था। महाराज सुहेल देव ने सालार मसूद को मारकर जनता को दासता से मुक्त कराया था। और ऐसी सजा दी थी, जिसे मुस्लिमों में सबसे बुरी मौत माना जाता है। सालार मसूद को महाराज सुहेलदेव ने जहन्नुम भेजने का काम किया था।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वोट बैंक में फर्क न पड़े, इसलिए लोग बिजली पासी का नाम नहीं लेंगे। लक्ष्मीबाई का नाम नहीं लेते हैं। उन्होंने कहा कि ऐसे नायकों पर नाटक तैयार करने चाहिए और उनका मंचन स्कूलों और कॉलेजों में होना चाहिए ताकि आज की पीढ़ी उनके बारे में जानें। सीएम योगी आदित्यनाथ ने कहा कि कोरोना से लोगों के बचाव के लिए लॉकडाउन लगा। कामगार जब घरों को लौटे तब सरकार उनके साथ खड़ी। उनको न सिर्फ घर पहुंचाया बल्कि उन्हें निशुल्क राशन भी उपलब्ध कराया। जब सरकार संवेदनशील नहीं होती तब वैसी स्थिति होती है, जैसा हमने ‘आनंद मठ’ नाटक की प्रस्तुति में देखा।
सीएम योगी आदित्यनाथ ने भारतेंदु नाट्य अकादमी के संपूर्ण भवन एवं दो प्रेक्षागृहों का लोकार्पण किया। 22 करोड़ की लागत से इनका जीर्णोद्धार कराया गया है। इस मौके पर 15 कलाकारों को सम्मानित भी किया। यह समारोह 12 अप्रैल तक चलेगा, जिसमें नाट्य संस्थाएं दोपहर 3 बजे से रात 8 बजे तक नाटकों का मंचन करेंगी।
