UP smart meter news: रिचार्ज के 2 घंटे बाद भी नहीं आई बिजली तो मिलेगा मुआवजा, जानें नियम
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट मीटरिंग व्यवस्था लागू होने के बाद लाखों प्रीपेड बिजली उपभोक्ताओं को बड़ी समस्या का सामना करना पड़ रहा है। नेगेटिव बैलेंस के कारण कनेक्शन कटने के बाद बड़ी संख्या में लोगों ने रिचार्ज करा लिया है, लेकिन इसके बावजूद उनकी बिजली बहाल नहीं हो पा रही है। उपभोक्ता बिजली दफ्तरों के चक्कर काट रहे हैं।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाया है और मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं के कनेक्शन रिचार्ज के बाद भी नहीं जुड़ पाए हैं, उन्हें मुआवजा दिया जाए। परिषद के अध्यक्ष अवधेश कुमार वर्मा ने बताया कि नियमों के अनुसार, रिचार्ज के दो घंटे के भीतर कनेक्शन बहाल होना अनिवार्य है। यदि ऐसा नहीं होता है, तो उपभोक्ता प्रतिदिन 50 रुपये के हिसाब से मुआवजे का हकदार है।
परिषद ने यह भी मांग की है कि जिन उपभोक्ताओं का बकाया बहुत अधिक है, उन्हें किस्तों में भुगतान की सुविधा दी जाए। वर्तमान में 50 लाख से अधिक उपभोक्ताओं के स्मार्ट प्रीपेड मीटर खाते का बैलेंस नेगेटिव है। कई उपभोक्ताओं पर एक लाख रुपये तक का बकाया है। परिषद का कहना है कि प्रीपेड मीटर उपभोक्ताओं को भी पोस्टपेड मीटर उपभोक्ताओं की तरह किस्तों में भुगतान का विकल्प मिलना चाहिए।
यह समस्या केंद्र सरकार की रिवैंप डिस्ट्रीब्यूशन सेक्टर स्कीम (आरडीएसएस) के तहत पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटरों से बदलने के बाद सामने आई है। पहले ये मीटर पोस्टपेड की तरह काम कर रहे थे, लेकिन प्रीपेड मोड में बदलने पर पुराना बकाया भी जुड़ गया, जिससे कई उपभोक्ताओं का बैलेंस नेगेटिव हो गया।
आंकड़ों के अनुसार, 14 मार्च को शाम 5:30 बजे तक 1,13,862 स्मार्ट मीटर उपभोक्ताओं के कनेक्शन नेगेटिव बैलेंस के कारण कट गए थे। इनमें से 16,263 मामलों में रिचार्ज के बाद कनेक्शन जोड़ने की प्रक्रिया शुरू हुई, लेकिन 2,909 उपभोक्ताओं का कनेक्शन जुड़ नहीं सका। पावर कॉरपोरेशन ने हाल ही में एक आदेश जारी कर यह स्पष्ट किया है कि बकाया का 50 प्रतिशत भुगतान करने पर उपभोक्ता को केवल एक बार तीन दिन के लिए अस्थायी कनेक्शन मिलेगा। इन तीन दिनों में पूरा रिचार्ज न करने पर कनेक्शन फिर कट जाएगा।
