UP electricity news: स्मार्ट मीटर ने दिया झटका, हजारों उपभोक्ताओं के कटे कनेक्शन; लखनऊ में MLA भी परेशान
उत्तर प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड मीटर (Smart Prepaid Meter) उपभोक्ताओं को पिछले दो दिनों से भारी संकट का सामना करना पड़ रहा है। पावर कॉरपोरेशन द्वारा सर्वर लाइव करने के बाद नेगेटिव बैलेंस वाले हजारों उपभोक्ताओं के कनेक्शन कट गए। लखनऊ में ही 10 हजार से अधिक उपभोक्ताओं के कनेक्शन काटे गए, जिससे आम जनता के साथ-साथ कई विधायकों और विधान परिषद सदस्यों के घरों में भी अंधेरा छा गया।
तकनीकी खामी से बढ़ी परेशानी
पावर कॉरपोरेशन ने शुक्रवार को स्मार्ट मीटरों के लिए सर्वर लाइव किया था। इसके बाद उन उपभोक्ताओं के कनेक्शन स्वतः कटने लगे जिनका बैलेंस शून्य से नीचे था। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या तब आई जब कई उपभोक्ताओं ने तुरंत रिचार्ज करवाया, लेकिन तकनीकी खामी के कारण उनके कनेक्शन बहाल नहीं हो पाए। शनिवार को भी यह समस्या बनी रही, जिससे नाराज उपभोक्ता उपकेंद्रों पर शिकायत लेकर पहुंचे। लखनऊ के सेंट्रल जोन ओल्ड 1912 कार्यालय, पुरनिया और अमौसी जोन कार्यालयों पर उपभोक्ताओं ने जमकर हंगामा किया।
बकाया बिल समायोजन की प्रक्रिया
पावर कॉरपोरेशन के मुख्य अभियंता रवि अग्रवाल ने बताया कि जिन उपभोक्ताओं का पुराना बिजली बिल बकाया है, रिचार्ज के दौरान वह धनराशि समायोजित की जाएगी। बकाया राशि के आधार पर 10% से 25% तक की कटौती की जाएगी। उदाहरण के लिए, 10 हजार रुपये तक के बकाये पर 10 प्रतिशत और 20 हजार रुपये से अधिक के बकाये पर 25 प्रतिशत धनराशि समायोजित की जाएगी।
कर्मचारी संघ ने जताई चिंता
विद्युत कर्मचारी संयुक्त संघर्ष समिति ने प्रबंधन द्वारा लागू की गई वर्टिकल व्यवस्था को विफल बताया है। समिति का आरोप है कि तकनीकी और कमर्शियल कार्यों को अलग करने से इंजीनियरों पर कार्यभार बढ़ गया है। समिति के संयोजक शैलेन्द्र दुबे ने चेतावनी दी कि मेंटेनेंस में लगे इंजीनियरों को राजस्व वसूली में झोंकने से आगामी गर्मियों में बिजली आपूर्ति ठप हो सकती है।
