यूपी पुलिस भर्ती परीक्षा में ‘पंडित’ शब्द पर विवाद, विपक्ष ने BJP पर लगाया ब्राह्मण अपमान का आरोप | UP Politics News
उत्तर प्रदेश पुलिस दारोगा भर्ती परीक्षा के प्रश्नपत्र में एक शब्द के इस्तेमाल को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है। प्रश्नपत्र में ‘पंडित’ शब्द को अपमानजनक संदर्भ में इस्तेमाल किया गया, जिसके बाद राज्य की राजनीति में उबाल आ गया है। विपक्षी दलों ने इसे भाजपा सरकार की ‘सोची-समझी साजिश’ करार दिया है। पूर्वांचल के कद्दावर नेता विनय शंकर तिवारी से लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय तक ने सरकार पर तीखा हमला बोला है।
यह विवाद तब शुरू हुआ जब परीक्षा के एक प्रश्न में ‘पंडित’ शब्द का प्रयोग नकारात्मक अर्थों में किया गया। इस घटना को लेकर सपा नेता विनय शंकर तिवारी ने कहा कि यह कोई मानवीय चूक नहीं है, बल्कि ब्राह्मण समाज को अपमानित करने की एक सुनियोजित रणनीति है। उन्होंने याद दिलाया कि कुछ समय पहले भी ‘घूसखोर पंडत’ नाम की वेब सीरीज को मंजूरी दी गई थी, जिसे विरोध के बाद वापस लेना पड़ा था।
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष अजय राय ने इस घटना को ‘ब्राह्मण उत्पीड़न का नया अध्याय’ बताया। उन्होंने कहा कि भाजपा सत्ता के नशे में चूर होकर अपने ही समर्थकों को हाशिए पर धकेल रही है। अजय राय ने आरोप लगाया कि जिस समाज ने भाजपा को अटल बिहारी वाजपेयी जैसे नेता दिए, आज उसी समाज को ‘अवसरवादी’ के रूप में पेश किया जा रहा है। सपा नेता पवन पांडेय ने भी सरकार पर हमला बोलते हुए कहा कि 2017 से लगातार ब्राह्मण समाज के लोग मारे जा रहे हैं और फर्जी मुकदमों का सामना कर रहे हैं।
विपक्षी नेताओं ने चेतावनी दी है कि ब्राह्मण समाज अपने अपमान का बदला सरकार को सत्ता से हटाकर लेगा। यह विवाद आगामी चुनावों से पहले भाजपा के लिए मुश्किल खड़ी कर सकता है, क्योंकि ब्राह्मण वोट बैंक की नाराजगी का असर चुनाव परिणामों पर पड़ सकता है।
