Kanpur Dowry Death Case: दहेज हत्या मामले में पति को 8 साल की सजा, सास बरी
कानपुर की एक अदालत ने दहेज हत्या के एक पुराने मामले में फैसला सुनाया है। अपर जिला जज सुभाष सिंह की अदालत ने आरोपी पति प्रेमांशु कुमार को दोषी मानते हुए 8 साल की कठोर कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही उस पर 4 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। हालांकि, साक्ष्य के अभाव में मृतका की सास को बरी कर दिया गया है।
क्या था पूरा मामला?
यह मामला 2015 का है। नवाबगंज निवासी तिलकराम ने अपनी बेटी प्रभा की शादी सीएसए कैंपस नवाबगंज में रहने वाले प्रेमांशु कुमार के साथ 25 जनवरी 2015 को की थी। शादी के बाद से ही ससुराल वाले दहेज की मांग कर रहे थे। तिलकराम के मुताबिक, ससुराल वाले एक प्लॉट खरीदने के लिए 10 लाख रुपये की मांग कर रहे थे। मांग पूरी न होने पर प्रभा को लगातार प्रताड़ित किया गया।
प्रताड़ना से तंग आकर प्रभा ने 25 सितंबर 2015 को आत्महत्या कर ली थी। प्रभा ने आत्महत्या से पहले अपने पिता को फोन पर बताया था कि ससुराल वाले उसे मार डालेंगे। अगले दिन सुबह पति ने फोन कर बताया कि प्रभा ने फांसी लगा ली है। पिता की शिकायत पर नवाबगंज थाने में एफआईआर दर्ज की गई थी।
कोर्ट की कार्यवाही
ट्रायल के दौरान ससुर अनंतराम की मौत हो गई थी। अदालत ने सभी पक्षों को सुनने के बाद पति प्रेमांशु को दोषी पाया, जबकि सास मिथलेश को साक्ष्य के अभाव में बरी कर दिया गया।
